अध्यात्म

Vikat Sankashti Chaturthi 2024 Puja Vidhi:विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन इस विधि से करें पूजा, गणेश जी की बरसेगी कृपा

Vikat Sankashti Chaturthi 2024 Puja Vidhi: विकट संकष्टी चतुर्थाी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित व्रत है। इस दिन पूरे विधि- विधान के साथ बप्पा की पूजा की जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल कब रखा जाएगा विकट संकष्टी व्रत और इसकी पूजा विधि।

Image

Vikat Sankashti Chaturthi 2024

Vikat Sankashti Chaturthi 2024 Puja Vidhi: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव माना जाता है। इनकी पूजा के बिना कोई भी शुभ काम अधूरा होता है। हर महीने की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान गणपति की पूजा के लिए समर्पित होती है। विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर साल वैशाख मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल ये व्रत 27 अप्रैल को रखा जाएगा। इस दिन विधिपूर्वक गणेश जी की पूजा की जाती है। विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने से और पूजा करने से साधक को संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही बप्पा की कृपा साधक के सारे बिगडे़ काम बनते हैं। आइए जानते हैं इस दिन भगवान गणेश की पूजा कैसे करें। यहां जानें विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि।

Vikat Sankashti Chaturthi Vrat Puja Vidhi (विकट संकष्टी चतुर्थी व्रत पूजा विधि)

  • विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
  • उसके बाद भगवान गणेश जी की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं और चौकी पर स्थापित करें।
  • फिर उनके सामने घी का दीपक जलाएं और सिंदूर, दूर्वा, गंध, अक्षत अर्पित करें।
  • इस दिन भगवान गणेश को पान सुपारी और मौसमी फल भी अर्पित करें।
  • चतुर्थी के पूजा के दौरान गणपति को लड्डू और मोदक का भोग लगाएं।
  • अंत में कथा का पाठ करें और आरती करें।
  • इस दिन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य भी देने का विधान है।

Vikat Sankashti Chaturthi 2024 Date And Shubh Muhurat (विकट संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2024)

विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर साल वैशाख महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल इस तिथि की शुरुआत 27 अप्रैल को सुबह 8 बजकर 17 मिनट से होगी। इसके साथ ही इस तिथि का समापन 28 अप्रैल को सुबह 8 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में ये व्रत इस बार 27 अप्रैल को रखा जाएगा। इस दिन गणेश जी की पूजा के लिए सुबह 11बजकर 53 से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक का समय शुभ रहेगा।

Vikat Sankashti Chaturthi Mantra (विकट संकष्टी चतुर्थी मंत्र)

त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।

नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।

Vikat Sankashti Chaturthi Importance (विकट संकष्टी चतुर्थी महत्व)

नारद पुराण में इस व्रत को भगवान गणपति की कृपा पाने वाला सबसे उत्तम व्रत माना गया है। विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत अधिकतर सुहागिन स्त्रियों द्वारा किया जाता है। इस दिन का व्रत रखने से और गजानन की विधिपूर्वक पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और साधक के जीवन में सुख, समृद्धि आती है। इस दिन चंद्र देव की पूजा करने से और उनको अर्घ्य अर्पित करने से साधक को मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

अध्यात्म और ज्योतिष की दुनिया बेहद दिलचस्प है। यहां हर समय कुछ नया सिखने और जानने को मिलता है। अगर आपकी अध्यात्म और ज्योतिष में गहरी रुचि है और आप इस विषय से जुड़ी हर एक जानकारी जैसे गृह-नक्षत्रों में होने वाले बदलाव, आगामी व्रत त्यौहार, ज्योतिष और वस्तु उपाय आदि विषयों से अपडेट रहना चाहते हैं, तो आपको इस प्लेटफॉर्म पर ये सबकुछ एक साथ मिल जाएगा

और पढ़ें
End of Article