Vaishakh Amavasya 2025 Date, Timings, Puja Vidhi, Mahatva And Upay In Hindi (वैशाख अमावस्या कब है 2025): वैशाख अमावस्या ज्योतिष और धर्म दोनों नजरिए ये काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ये अमावस्या पितरों को समर्पित होती है। कहते हैं इस दिन विधि विधान पूजा पाठ करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इस अमावस्या पर सत्तू का दान बेहद शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस अमावस्या को सतुवाई अमावस्या भी कहते हैं। इस साल वैशाख अमावस्या 27 अप्रैल को मनाई जा रही है। यहां आप जानेंगे इसकी पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, महत्व और उपाय।
वैशाख अमावस्या पूजा विधि (Vaishakh Amavasya Puja Vidhi)
- वैशाख मास की अमावस्या को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लेना चाहिए।
- इसके बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए।
- फिर विधि विधान भगवान की पूजा करनी चाहिए।
- इस दिन पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनके नाम से श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए।
- इस दिन पवित्र नदियां, जलाशय, कुंड आदि में जाकर स्नान-दान करना चाहिए।
- इस दिन उपवास भी रखें और इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
- इस अमावस्या पर पीपल के पेड़ और हनुमान जी की भी की पूजा करनी चाहिए।
- इस दिन हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम आदि का विधि-विधान पाठ करना चाहिए।
वैशाख अमावस्या पर क्या करें (Vaishakh Amavasya Par Kya Kare)
- इस दिन फलाहारी व्रत रखना चाहिए।
- अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए।
- यदि इस दिन नदी स्नान संभव नहीं है तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल व तिल डालकर स्नान करें। ऐसा करने से पुण्य फल की प्राप्ति तो होगी ही साथ ही शनि के दोषों से भी मुक्ति मिलेगी।
- इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण करना चाहिए।
- इस दिन पितरों के नाम से गरीबों व जरूरतमंदों को भोजन करवाना चाहिए।
- इस दिन स्नान करने के बाद जल में तिल डालकर सूर्य देव को अर्पित करना चाहिए।
- वैशाख अमावस्या पर पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाना चाहिए।
वैशाख अमावस्या उपाय (Vaishakh Amavasya Upay)
आर्थिक परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए वैशाख अमावस्या पर सत्तू व जल का दान करें। कहते हैं इससे व्यक्ति को अक्षय फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, पितृ दोष से भी छुटकारा मिल जाता है।
