उज्जैन के महाकाल मंदिर में नई दर्शन व्यवस्था लागू, संध्या और शयन आरती की होगी ऑनलाइन बुकिंग
- Edited by: गुलशन कुमार
- Updated Feb 19, 2026, 02:44 PM IST
Ujjain Mahakaleshwar Temple New Darshan System: धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। मंदिर प्रबंधन ने दर्शन करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था को लागू किया है। आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में...
महाकालेश्वर मंदिर में नई दर्शन व्यवस्था लागू
Ujjain Mahakaleshwar Temple New Darshan System: हिंदुओं की धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। मंदिर प्रबंधन समिति ने डिजिटल व्यवस्था का विस्तार करते हुए संध्या आरती और शयन आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य कर दी है। यह नई व्यवस्था आज से लागू कर दी गई है, जिसका उद्देश्य दर्शन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना है।
अब श्रद्धालु अधिकृत वेबसाइट से 250 रुपए शुल्क देकर स्लॉट बुक कर सकेंगे। इस दौरान 1200 श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। संध्या आरती दोपहर 12 बजे से तो वहीं शयन आरती की बुकिंग 4 बजे से शुरू होगी। मंदिर समिति ने यह व्यवस्था पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है, साथ ही संध्या आरती एवं शयन आरती में दर्शन के नाम पर रुपए लेकर गड़बड़ी करने वाले तत्वों पर भी रोक लगेगी।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए यह निर्णय लिया है। डिजिटल व्यवस्था का विस्तार करते हुए जहां अब संध्या आरती और शयन आरती की बुकिंग ऑनलाइन की जा सकती है । यह व्यवस्था पारदर्शिता, सुव्यवस्थित प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है । मंदिर समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब श्रद्धालु दोनों आरती के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे।
बुकिंग का समय और प्रवेश की व्यवस्था
- संध्या एवं शयन आरती की बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (पगले आओ, पहले पाओ) के आधार पर की जाएगी ।
- दोनों ही आरती हेतु प्रवेश द्वार क्रमांक 1 निर्धारित किया गया है ।
- संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा ।
- शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा ।
गड़बड़ी पर लगेगा विराम
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक, आशीष फलवाडिया ने बताया कि डिजिटल प्रणाली का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधा देना और प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है। इससे न केवल भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि आरती में शामिल होने की प्रक्रिया भी स्पष्ट और सुरक्षित रहेगी। महाकाल मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और त्योहारों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में डिजिटल बुकिंग प्रणाली से समय की बचत होगी और श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।
