Surya Grahan Sutak Time: सूतक ग्रहण से पहले शुरू होने वाली वो अवधि है जिस दौरान सभी तरह के शुभ कार्य बंद कर दिये जाते हैं। चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू होता है तो सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले। 25 अक्टूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है। जिसका सूतक शुरू हो चुका है। जानिए सूतक काल में किन बातों का रखना चाहिए ध्यान।
सूर्य ग्रहण सूतक टाइम: सूर्य ग्रहण की शुरुआत 25 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 28 मिनट से होगी और इसकी समाप्ति शाम 5 बजकर 30 मिनट पर। इस ग्रहण का सूतक काल भी माना जाएगा। सूतक समय 25 अक्टूबर को सुबह 03:17 से शाम 05:42 तक रहेगा।
क्या है सूतक? सूतक सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण से पूर्व की एक निश्चित समयावधि को कहते हैं। हिन्दु मान्यताओं के अनुसार सूतक काल के समय पृथ्वी का वातावरण दूषित होता है। सूतक के अशुभ दोषों से अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए इस दौरान अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिये।
सूतक के दौरान क्या करें और क्या न करें
- ग्रहण एवं सूतक के दौरान सभी प्रकार के ठोस और तरल खाद्य पदार्थों का सेवन वर्जित माना जाता है। लेकिन बच्चों, रोगियों और वृद्धों के लिये भोजन मात्र एक प्रहर यानी तीन घण्टे के लिये ही वर्जित है।
- गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल में घर से बाहर न निकलने का सुझाव दिया जाता है। मान्यता है कि राहु व केतु के दुष्प्रभाव के कारण गर्भ में पल रहे शिशु को स्वास्थ्य दिक्कतें आ सकती हैं। ग्रहणकाल में गर्भवती स्त्रियों को वस्त्र आदि काटने या सिलने की मनाही होती है। मान्यता अनुसार इन गतिविधियों का भी शिशु पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
- सूतक और ग्रहण काल के समय तेल मालिश करना, पानी पीना, मल-मूत्र विसर्जन, बालों में कंघी करना, दातुन करना अथवा यौन गतिविधियों में लिप्त होना प्रतिबन्धित माना जाता है।
ग्रहण के बाद क्या करें- ग्रहण शुरू होने से पहले ही गेहूँ, चावल, अन्य अनाज में कुश घास तथा तुलसी दल डालकर रख दें। इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव खाने-पीने की चीजों पर नहीं पड़ता है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान आदि करके ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देनी चाहिये।
