Pradosh Vrat Date: प्रदोष व्रत हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार प्रदोष व्रत 24 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। शुक्रवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म शास्त्रों में प्रदोष व्रत को विशेष महत्व दिया गया है। इस दिन भगवान शिव के भक्त व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे व्यक्ति के जीवन में खुशियां भी आती हैं। आइए जानते हैं प्रदोष व्रत पूजा विधि और महत्व के बारे में।
प्रदोष व्रत पूजा विधि ( Pradosh Vrat Puja Vidhi)
शुक्र प्रदोष व्रत के दिन सुबह उठकर स्नान करें।इसके बाद भगवान बुलनाथ के सामने दीपक जलाएं और प्रदोष व्रत का संकल्प लें।
शाम को अपने समयनुसार मंदिर जाकर पूजा करें।
शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल आदि लगाएं।
फिर शिव लिंग को चंदन से रंगा जाता है और बेलपत्र, माता, फूल और भांग आदि चढ़ाया जाता है।
इसके बाद विधिपूर्वक पूजा करें और आरती करें।
