अध्यात्म

Shani Dhaiya 2025: मेष से मीन तक, जानिए किन दो राशियों पर चल रही है शनि ढैय्या, क्या बरतनी होगी सावधानी

Shani Dhaiya 2025: शनि ढैय्या का प्रभाव भी शनि साढ़े साती की तरह ही होता है। बस अंतर इतना है कि शनि ढैय्या ढाई साल के लिए होती है तो वहीं साढ़े साती पूरे साढ़े 7 साल तक रहेगी। चलिए जानते हैं इस समय किन राशियों पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव है।

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Shani Dhaiya 2025

Shani Dhaiya 2025: शनि देव का राशि परिवर्तन 29 मार्च 2025 में हो चुका है। अब शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। शनि के इस राशि में आते ही दो राशियों पर शनि ढैय्या शुरू हो गई है। ऐसे में ज्योतिष की मानें तो अगले ढाई साल इन राशि के जातकों के लिए थोड़े मुश्किल साबित होने वाले हैं। अगर सतर्क नहीं रहेंगे तो अपना नुकसान करा लेंगे। चलिए आपको बताते हैं इस साल किन राशियों पर शनि ढैय्या रहेगी।

सिंह राशि पर शनि ढैय्या (Shani Dhaiya On Singh Rashi)

सिंह राशि वालों पर 29 मार्च 2025 से शनि ढैय्या शुरू हो चुकी है जो 2027 तक रहेगी। इस दौरान सिंह वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। खासकर उन लोगों को जिनकी कुंडली में शनि कमजोर स्थिति में हैं। शनि ढैय्या के कारण सिंह वालों को करियर से लेकर हेल्थ तक में समस्याएं आ सकती हैं। किसी करीबी से धोखा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो सकती हैं। लेकिन अगर सतर्क रहेंगे तो किसी भी प्रकार की परेशानियों से बच सकेंगे।

धनु राशि पर शनि ढैय्या (Shani Dhaiya On Dhanu Rashi)

धनु राशि वालों पर भी शनि ढैय्या का साया है। ऐसे में अगले ढाई साल आपको विशेष सावधानी बरतनी होगी। अचानक से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। इसलिए आपको सतर्क रहना होगा। खान-पान का विशेष ध्यान रखना होगा। वहीं नौकरी और बिजनेस में तमाम दिक्कतें आ सकती हैं। किसी भी तरह के वाद-विवाद में पड़ने से बचना होगा। गुस्से पर संयम रखने की जरूरत पड़ेगी।

शनि ढैय्या के उपाय (Shani Dhaiya Upay)

शनि ढैय्या के बुरे प्रभाव से बचने के लिए हर शनिवार शनि मंदिर में जातक सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस दिन पीपल के पेड़ की भी पूजा करें। जरूरतमंदों को शनि से जुड़ी चीजों का दान करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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