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Shab E Barat Namaz Ka Tarika: शब-ए-बारात की नफ्ल नमाज कैसे पढ़ें, यहां जानें फातिहा का आसान तरीका

Shab E Barat Ki Namaz Ka Tarika In Hindi (शब ए बारात की नमाज कैसे पढ़ते हैं): इस्लाम में शब-ए-बारात की रात को बहुत पाक और खास माना जाता है। यह वह रात होती है जब इंसान दिल से अल्लाह की तरफ लौटता है। इस रात इबादत की जाती है, दुआएं मांगी जाती हैं और अपने गुनाहों की माफी के लिए अल्लाह के सामने हाथ फैलाए जाते हैं। यहां जानें कि शब-ए-बारात की नमाज पढ़ने का तरीका क्या है, शब-ए-बारात की नमाज कैसे पढ़ें, शब-ए-बारात पर कौन सी दुआ पढ़ें। जानें शबे बारात की 6 रकात की नमाज कैसे पढ़ी जाती है।

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शब ए बारात की नमाज कैसे पढ़ते हैं (PC- AI)

Shab E Barat Ki Namaz Ka Tarika In Hindi (शब ए बारात की नमाज कैसे पढ़ते हैं), शब-ए-बारात की दुआ (Shab E Barat namaz ki niyat): इस्लाम में शब-ए-बारात की रात को बहुत पाक और खास माना जाता है। यह वह रात होती है जब इंसान दिल से अल्लाह की तरफ लौटता है। इस रात इबादत की जाती है, दुआएं मांगी जाती हैं और अपने गुनाहों की माफी के लिए अल्लाह के सामने हाथ फैलाए जाते हैं। यहां जानें कि शब-ए-बारात की नमाज पढ़ने का तरीका क्या है, शब-ए-बारात की नमाज कैसे पढ़ें, शब-ए-बारात पर कौन सी दुआ पढ़ें। जानें शबे बारात की 6 रकात की नमाज कैसे पढ़ी जाती है।

शब-ए-बारात की नमाज़ पढ़ने का तरीका - Shab E Barat Ki Namaz Ka Tarika

शब-ए-बारात की नफ्ल नमाज़ पढ़ने का तरीका बहुत ही आसान है। आप इसे दो-दो रकात करके अदा कर सकते हैं।

  • पहली रकात में सूरह फातिहा पढ़ें, उसके बाद कोई भी सूरह पढ़ सकते हैं, जैसे सूरह इखलास।
  • दूसरी रकात में भी सूरह फातिहा के बाद कोई और सूरह पढ़ लें।
  • दो रकात पूरी होने पर सलाम फेर दें।
  • इसी तरह आप अपनी सहूलियत के अनुसार 12 या 20 रकात तक नफ्ल नमाज़ पढ़ सकते हैं
  • यह कोई दिखावे की इबादत नहीं है, बल्कि दिल से जुड़ा हुआ अमल है।
  • यह तरीका आसान भी है और ज्यादातर लोग इसी तरह नफ्ल नमाज़ पढ़ते हैं।
शब-ए-बारात की नमाज़ का तरीका

शब-ए-बारात की नमाज़ का तरीका

शब-ए-बारात की नफ्ल नमाज़ की नियत - Shab e Barat Namaz Ki Niyat In Hindi

'नियत की मैंने दो रकअत शबे-बारात की नफ्ल नमाज़ की, खास वास्ते अल्लाह तआला के, मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ, अल्लाह हू अकबर।'

शब-ए-बारात की दुआ - Shab e Barat Dua

'अल्लाहुम्मा सल्ले अला सय्येदिना मुहम्मदिव व अला आलि सय्येदिना मुहम्मदिन कमा सललेता अला सय्येदिना इब्राहिम व अला आलि सय्यदीना इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद।

अल्लाहुम्मा बारिक अला सय्येदिना मुहम्मदिव व अला आलि सय्येदिना मुहम्मदिन कमा बारकता अला सय्येदिना इब्राहिम व अला आलि सय्यदीना इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद।'

मगरिब की नमाज़ के बाद पढ़ी जाने वाली नफ्ल नमाज़ का तरीका - Shab e Barat Ki Nafil Namaz Ka Tarika

मगरिब की नमाज़ चाहे मस्जिद में अदा की हो या घर पर, उसके बाद तस्बीह और दुआ से फारिग होकर 6 रकात नफ्ल नमाज़ पढ़ी जाती है। यह नमाज़ दो-दो रकात की नियत से अदा की जाती है।

  • पहली दो रकात शुरू करने से पहले अल्लाह से यह दुआ करें: - 'या अल्लाह, इन दो रकातों की बरकत से मेरी उम्र में बरकत अता फरमा।' इसके बाद आम नफ्ल नमाज़ की तरह नमाज़ अदा करें।
  • नमाज पूरी होने के बाद - 21बार सूरह इखलास और 1 बार सूरह यासीन की तिलावत करें।

अगर दो लोग साथ में हैं, तो सूरह यासीन एक व्यक्ति बुलंद आवाज़ में पढ़े और दूसरा पूरी खामोशी से सुने। सुनने वाला सिर्फ़ ध्यान लगाए, ज़ुबान से कुछ न पढ़े।

शब-ए-बारात की फातिहा पढ़ने का तरीका - Shab E Barat Fatiha Ka Tarika

फातिहा इस क्रम में पढ़ी जाती है -

  • दरूद-ए-इब्राहीम – 3 बार
  • सूरह काफ़िरून – 1 बार
  • सूरह इखलास – 3 बार
  • सूरह फ़लक – 1 बार
  • सूरह नास – 1 बार
  • सूरह फ़ातिहा – 1 बार
  • सूरह बक़रह – 1 बार
  • आयत-ए-ख़म्सा – 1 बार
इसके बाद फिर से 3 बार दरूद-ए-इब्राहीम पढ़ें।

फातिहा पढ़ते वक्त इन बातों का ध्यान रखें

  • नीयत साफ हो
  • वुज़ू किया हो
  • कपड़े पाक हों
  • पूरा ध्यान इबादत में हो
  • तजवीद और सही क्रम का पालन करें
  • अदब और खामोशी बनाए रखें

शब-ए-बारात की रात इंसान को खुद से जोड़ने वाली रात है।

यह मौका है अपनी भूलों को मानने का,

अपने मरहूमों के लिए दुआ करने का

और अल्लाह से नई शुरुआत की उम्मीद रखने का।

(नोट: फातिहा का तरीका islamwala.com से लिया गया है।)

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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