Sawan Shivratri Puja And Vrat Vidhi (सावन शिवरात्रि की पूजा कैसे करें): सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। इस साल 23 जुलाई यानी आज शिवरात्रि है। सावन की शिवरात्रि के दिन पूजा के अलग नियम और विधि होती है। इस दिन व्रत रखने के भी कुछ खास नियम है। यहां से आप सावन की शिवरात्रि की पूजा विधि और व्रत रखने की विधि के बारे में विस्तार में जान सकते हैं।
सावन शिवरात्रि पूजा विधि-
- शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करके साफ वस्त्र धारण करें।
- इसके बाद पूजा स्थान पर शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित करें।
- साथ ही भगवान शिव के वाहन नंदी की मूर्ति भी स्थापित करें।
- इसके बाद घी का दीपक जलाएं और फिर विधि विधान पूजा करें।
- शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराएं।
- भगवान को बेल पत्र, फल, फूल, भांग, धतूरा, नैवेद्य, इत्र आदि चीजें जरूर अर्पित करें।
- शिव चालीसा का पाठ करें और शिवाष्टक पढ़ें।
- पूजा के समय मन ही मन शिव जी के मंत्रों का जाप करते रहें।
- माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
- सावन शिवरात्रि की कथा सुनें।
- कपूर से शिव भगवान की आरती करें।
- आखिर में भगवान को भोग लगाकर प्रसाद सभी में बांट दें।
- अगर संभव हो तो इस दिन विद्वान पंडित से रुद्राभिषेक जरूर कराएं।
सावन शिवरात्रि व्रत विधि-
सावन शिवरात्रि का व्रत रख रहे हैं तो आपको पूजा-पाठ के बाद सबसे पहले शुद्ध सात्विक आहार लें। पूरे दिन फलाहार ले सकते हैं। बस आपको सफदे नमक का उपयोग नहीं करना है। अगर नमक खाने की जरूरत पड़े तो सेंधा नमक खाएं। व्रत के दौरान प्याज-लहसुन और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए।
