Sawan 2026 Start and End Date: सावन 2026 में कब से कब तक रहेगा, कितने आएंगे सोमवार
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Dec 16, 2025, 05:21 PM IST
Sawan 2026 kab se kab tak rahega (Sawan 2026 Start and End Date): सावन मास को भोलेनाथ का प्रिय महीना माना जाता है। सावन सोमवार का संयोग और भी महत्व वाला होता है। यहां देखें 2026 में सावन कब से कब तक रहेगा, सावन 2026 डेट्स और सावन का महीना कब से लगेगा 2026 में।
सावन 2026 कब से कब तक रहेगा (Pic: Canva)
Sawan 2026 kab se kab tak rahega (Sawan 2026 Start and End Date): हिंदू धर्म में सावन या श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। सावन मास हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना होता है जो अमूमन जुलाई अगस्त के बीच में आता है। यहां देखें सावन 2026 डेट्स, सावन का महीना कब से लगेगा 2026 में, 2026 में सावन कब से कब तक रहेगा।
सावन 2026 कब से कब तक रहेगा
सावन 2026 का आरंभ 30 जुलाई, दिन गुरुवार से होगा। इसका 28 अगस्त, दिन शुक्रवार को होगा। इस तरह 2026 में सावन का महीना 28 दिनों का रहेगा। इस महीने के दौरान भक्त सावन शिवरात्रि, नाग पंचमी, अमावस्या और पूर्णिमा जैसे त्योहार भी बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते हैं।
सावन 2026 में कितने सोमवार पड़ेंगे, देखें डेट्स
सावन 2026 में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे जिनकी तिथियां इस प्रकार हैं:
- 03 अगस्त 2026 - पहला सावन सोमवार व्रत
- 10 अगस्त 2026 - दूसरा सावन सोमवार व्रत
- 17 अगस्त 2026 - तीसरा सावन सोमवार व्रत
- 24 अगस्त 2026 - चौथा सावन सोमवार व्रत
सावन का महीना इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
माना जाता है कि सावन भगवान शिव की भक्ति के साथ पूजा करने वालों के लिए बहुत फलदायी होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस महीने में अच्छे कर्म और अनुष्ठान करने से मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। पूरे भारत से भक्त कांवड़ यात्रा करते हैं, जहां वे हरिद्वार या गंगोत्री से पवित्र गंगा जल लाते हैं और इसे भगवान शिव के मंदिरों में चढ़ाते हैं। माना जाता है कि इस कार्य से कई जन्मों के पाप धुल जाते हैं।
अच्छे परिणाम के लिए सावन में क्या करना चाहिए
सावन में पानी, दूध या शहद से प्रतिदिन रुद्राभिषेक करें। पत्तेदार सब्जियों से बचें और सात्विक (शुद्ध और संतुलित) आहार लें।
जीवनशैली में अनुशासन बनाए रखें - ब्रह्मचर्य का पालन करें, सत्य बोलें और झूठ या तर्क से बचें। आध्यात्मिक विनम्रता के संकेत के रूप में फर्श पर सोएं। इसके अलावा गायत्री मंत्र, ओम नमः शिवाय का जाप करें और शिव पुराण पढ़ें।