Sankashti Chaturthi 2023: इस साल 1 नवंबर बेहद खास दिन है। इस दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। इसके अलावा इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जाएगा। संकष्टी चतुर्थी व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और शिव योग का भी संयोग बन रहा है। सर्वथ सिद्धि योग 1 नवंबर को सुबह 6:33 बजे से 2 नवंबर को सुबह 4:36 बजे तक रहेगा। अन्यथा शिव योग 1 नवंबर को दोपहर 2:07 बजे से शुरू होगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से साधक की सारी मनोकामना पूरी होती है। ये व्रत करवा चौथ के दिन पड़ रहा है। इसलिए करवा चौथ के दिन शिव पार्वती की पूजा के साथ - साथ भगवान गणेश की भी पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी। ऐसे में आइए जानते हैं पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में।
संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि ( Sankashti Chaturthi Puja Vidhi)
संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद पूजा घर को साफ करें और उसमें गंगा जल छिड़कें।भगवान गणेश को वस्त्र पहनाएं और मंदिर में दीपक जलाएं।
भगवान गणेश को तिलक लगाएं और फूल चढ़ाएं।
इसके बाद भगवान गणेश को दूर्वा की 21 गाठें चढ़ाएं। भगवान गणेश को मोतीचूर के लड्डू या मोदक का भोग लगाएं।
पूजा समाप्त करने के बाद आरती करें और पूजा के दौरान हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें।
पूजा के समय श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा मंत्र जाप करें।
