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Sandhi Puja 2023 Puja Vidhi: दुर्गा अष्टमी पर इस विधि से करें संधि पूजा, जानें पूरी विधि

Sandhi Puja 2023 Puja Vidhi: नवरात्रि के दौरान संधि पूजा का बहुत खास महत्व होता है। जो मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है। इस दौरान पारंपरिक परिधानों में और पारंपरिक तरीके से पूजा की जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं संधि पूजा विधि के बारे में।

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Sandhi Puja 2023 Puja Vidhi

Sandhi Puja 2023 Puja Vidhi: देश के हर कोने में नवरात्रि का त्योहार अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। कहीं लोग मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए 9 दिनों तक व्रत रखते हैं तो कहीं षष्ठी तिथि से ही दुर्गा पूजा शुरू हो जाती है। नवरात्रि के दौरान संधि पूजा भी की जाती है जिसका बहुत महत्व है। संधि पूजा उत्सव विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है। संधि पूजा अष्टमी के अंत और नवमी की शुरुआत के समय आयोजित की जाती है। इस दिन पारंपरिक परिधानों और पारंपरिक तरीकों से देवी की पूजा करने की परंपरा है। आइए जानते हैं संधि पूजा का शुभ समय, महत्व और पूजा विधि के बारे में।

संधि पूजा की विधि ( Sandhi Puja 2023 Puja Vidhi In Hindi)

संधि पूजा के दौरान, माँ दुर्गा 108 दीपक, 108 कमल के फूल, 108 बेल के पत्ते, आभूषण, पारंपरिक कपड़े, गुड़हल के फूल, चावल के दाने (कच्चे), लाल फल और मालाएं ले जाती हैं। इसका उपयोग और सजावट की जा सकती है। इसके बाद देवी दुर्गा के मंत्र का जाप करके आरती की जाती है। इस दौरान घंटी बजाकर संधि पूजा का आरंभ किया जाता है।

संधि पूजा का महत्व ( Sandhi Puja Significance)

यह पूजा अष्टमी और नवमी तिथि के बीच के समय की जाती है। इस समय दो तिथियों का मेल होता है, इसलिए इसे संधि पूजा कहा जाता है। संधि पूजा अष्टमी तिथि के अंतिम 24 मिनट और नवमी तिथि के प्रारंभ होने के 24 मिनट बाद की जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार माता चामुंडा और महिषासुर के बीच बेहद ही भंयकर युद्ध छिड़ गया। तभी चंड और मुंड नाम के दो राक्षसों ने मां चामुंडा पर पीछे से हमला कर दिया, जिसके बाद मां का चेहरा क्रोध से लाल हो गया । उसके बाद माता ने क्रोध में आकर दोनों राक्षसों का वध कर दिया। जिस समय उनकी हत्या हुई वह संधि काल का समय था। यह मुहूर्त बहुत शक्तिशाली समय माना जाता है। । क्योंकि उसी समय माता ने अपनी सारी शक्ति लगाकर दोनों राक्षसों का वध किया था।

TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

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