सकट चौथ पूजा विधि (Sakat Chauth Puja Vidhi In Hindi): सकट चौथ के दिन व्रती को सुबह-शाम दोनों समय गणेश जी की विधि विधान पूजा करनी चाहिए। लेकिन इस दिन शाम की पूजा सबसे महत्वपूर्ण होती है। जो चांद निकलने से पहले संपन्न करनी होती है। इस दौरान व्रती माताएं सकट चौथ की व्रत कथा भी सुनती हैं। इसके बाद चांद की पूजा की तैयारी करती हैं। अगर आप पहली बार सकट व्रत रख रही हैं और इसकी पूजा विधि नहीं जानती हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है। चलिए आपको बताते हैं सकट चौथ की पूजा विधि विस्तार से।
सकट चौथ पूजा विधि (Sakat Chauth Puja Vidhi In Hindi)
- गणेश जी की पूजा के समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।
- पूजा में तिल, तांबे के लोटे में पानी, गुड़, फूल, चंदन, भोग, प्रसाद, केला, नारियल इत्यादि चीजें जरूर शामिल करें।
- इस बात का ध्यान रखें कि आपको तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल इस पूजा में नहीं करना है।
- सकट चौथ पूजा में दुर्गा माता की प्रतिमा भी जरूर रखें>
- फिर मां दुर्गा और गणेश जी की विधि विधान पूजा करें।
- मंदिर में घी का दीपक जलाएं और इसके बाद इस मंत्र का जाप करें-
- गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
- उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।।
- भगवान को फूल, फल और प्रसाद इत्यादि चीजें अर्पित करें।
- इसके बाद अपने पल्लू में थोड़े से तिल बांधकर सकट चौथ की कथा सुनें।
- इसके बाद गणेश जी की आरती करें।
- ध्यान रहे गणेश जी की पूजा-कथा चांद निकलने से पहले संपन्न करनी है।
- फिर रात में चंद्र देव की विधि विधान पूजा करें।
- चांद को कच्चे दूध से अर्घ्य देकर धूप-दीप दिखाएं। फिर प्रसाद अर्पित करें।
- चांद की पूजा के बाद नियम के अनुसार दूध और शकरकंदी खाकर अपना व्रत खोल लें।
सकट चौथ व्रत का महत्व
मान्यताओं अनुसार सकट चौथ व्रत रखने से संतान को लंबी आयु की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही ये व्रत घर-परिवार में सुख-शांति लाता है। भगवान गणेश की विशेष कृपा दिलाता है।
