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Ravidas Jayanti 2025 Photo: कौन थे संत रविदास, यहां देखें इनकी फोटोज और जानिए इनके बारे में सबकुछ

Ravidas Jayanti 2025 Photo (संत रविदास फोटो hd): प्रत्येक वर्ष माघ पूर्णिमा की शुभ तिथि पर रविदास जयंती मनाई जाती है। संत रविदास की सगुण-निर्गुण भक्ति ने हिंदी पद्य साहित्य को नया उद्गम दिया। इनके भजन आज भी अलौकिक दर्शन के रूप में प्रचलित हैं।

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Ravidas Ji Ki Photo

Ravidas Jayanti 2025 Photo (संत रविदास फोटो hd): मध्य भक्तिकाल के प्रमुख कवि और संत रविदास का जन्म पूर्णिमा की पावन तिथि पर हुआ माना जाता है। जिस तिथि पर लोग भगवान श्रीहरी का पूजा-अर्चन करते हैं, उसी दिन जन्मे संत रविदास ने उन्हीं ईश्वर की ऐसी सुंदर और दिव्य भक्ति की जो आज भी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से अंकित है। पेशे से मोची और स्वभाव और आचरणों से संत, यही रविदास की पहचान थी। इनका एक प्रसिद्ध मुहावरा आज भी सजीव है जो कि मन चंगा तो कठौती में गंगा है।

Sant Ravidas Ji Ki Photos (रविदास जी की फोटो)

Ravidas Ji Ki Photo

Ravidas Ji Ki Photo

संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर गांव में 1377 में हुआ था।

Guru Ravidas Jayanti 2025 Photo

Guru Ravidas Jayanti 2025 Photo

लेकिन कुछ विद्वानों का मानना है कि इनका जन्म वर्ष 1399 में हुआ था।

Guru Ravidas Jayanti 2025 Images

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संत रविदास जी ने के दोहे आज भी लोगों के दिलों में रचे बसे हुए हैं।

Ravidas Ji Ki Pic

Ravidas Ji Ki Pic

रविदास जी की जयंती के दिन उनके दोहों और भजनों को खूब सुना जाता है और इनके सम्मान में कई जगह शोभा यात्राएं भी निकाली जाती हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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