रमा एकादशी 2025 में कब है (Rama Ekadashi Vrat Date): कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष को रमा एकादशी है। इस दिन सूर्य दोपहर 1 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर कन्या राशि में रहेंगे। इसके बाद तुला राशि में गोचर करेंगे और चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे।
आईएएनएस ने द्रिक पंचांग के हवाले से बताया है कि 16 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। आज का राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 40 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
Rama Ekadashi Shubh Muhurat (रमा एकादशी शुभ मुहूर्त)
रमा एकादशी का समय 16 अक्टूबर सुबह 10 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 17 अक्टूबर सुबह 11 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इसके बाद द्वादशी शुरू हो जाएगी।- 16 अक्टूबर 2025, गुरुवार को सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक
- 17 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को सुबह 11 बजकर 12 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त – 11:49 AM से लेकर 12:35 PM तक
- अमृत काल – 11:25 AM से लेकर 01:06 PM तक
- ब्रह्म मुहूर्त – 04:52 AM से लेकर 05:40 AM तक
भगवान विष्णु जी की आरती
विष्णु जी की आरती (Vishnu Ji Ki Aarti) :
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय…॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय…॥
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय…॥
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय…॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय…॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय…॥
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय…॥
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय…॥
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय…॥
रमा एकादशी पर भगवान विष्णु को कैसे प्रसन्न करें
रमा एकादशी का व्रत विधि-विधान से करने के लिए ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। एक चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें और उन्हें फूल, चंदन, और धूप अर्पित करें और तुलसी पत्र और मिठाई का भोग लगाएं और घी का दीपक जलाकर श्रद्धा-भाव से भगवान की आरती करें। वहीं, पूजा के दौरान लाल कपड़े में पांच कौड़ियां बांधकर माता लक्ष्मी को अर्पित करें और बाद में इसे तिजोरी या पर्स में रखें। इससे धन की कमी दूर होती है।
वैवाहिक जीवन में सुख के लिए तुलसी माता की पूजा करें और देसी घी का दीपक जलाएं। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, या धन दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। रमा एकादशी का व्रत न केवल आध्यात्मिक बल्कि भौतिक सुखों को भी प्रदान करता है। इस शुभ दिन पूजा और उपायों से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें और अपने जीवन को समृद्ध बनाएं।
