अध्यात्म

पूजा के समय अगरबत्ती बार-बार बुझ जाए तो क्या संकेत माना जाता है, यह शुभ है या अशुभ, जानिए क्या कहता है शकुन शास्त्र

Agarbatti Bujhna Shubh Ya Ashubh: क्या आजकल आपकी भी पूजा करते समय अगरबत्ती बार-बार बुझ रही है? जानिए शकुन शास्त्र में इसे किस नजर से देखा जाता है, यह शुभ है या अशुभ।

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अगरबत्ती बार-बार बुझना शुभ या अशुभ

Agarbatti Bujhna Shubh Ya Ashubh: घर में पूजा करते समय अगरबत्ती जलाना एक आम परंपरा है। इसकी खुशबू से माहौल अच्छा लगता है और मन भी पूजा में लग जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि अगरबत्ती बार-बार बुझ जाती है। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या यह कोई शुभ संकेत है या फिर किसी अशुभ बात का इशारा? शकुन शास्त्र (shakun shastra) में पूजा के समय होने वाली कुछ घटनाओं को संकेत के रूप में देखा जाता है। हालांकि, इन्हें पूरी तरह सच मानने के बजाय आस्था से जुड़ी मान्यता माना जाता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि पहले इसके सामान्य कारणों को समझा जाए। आइए जानते हैं कि इस बारे में शकुन शास्त्र क्या कहता है।

क्या अगरबत्ती का बार-बार बुझना कोई संकेत देता है

शकुन शास्त्र के अनुसार, अगर पूजा के दौरान अगरबत्ती बार-बार बुझ रही है तो कुछ लोग इसे सामान्य घटना नहीं मानते। ऐसी मान्यता है कि यह इस बात का संकेत हो सकता है कि पूजा के समय मन पूरी तरह शांत नहीं है या आसपास का वातावरण पूजा के अनुकूल नहीं है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कोई बुरा समय आने वाला है। इसे डरने की वजह नहीं, बल्कि खुद को संभालने और मन को शांत रखने का संकेत माना जाता है।

हर बार इसे अशुभ मानना सही नहीं

अगरबत्ती बुझ जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। कई बार तेज हवा, कमरे में नमी, अगरबत्ती की खराब गुणवत्ता या ठीक से आग न पकड़ने की वजह से भी ऐसा हो जाता है। इसलिए किसी भी घटना को तुरंत शुभ या अशुभ मान लेना सही नहीं है। पहले सामान्य कारणों को जरूर जांच लेना चाहिए।

अगरबत्ती बार-बार बुझे तो क्या करें

अगर पूजा के समय अगरबत्ती बुझ जाए तो उसे दोबारा श्रद्धा से जला लें। पूजा की जगह साफ रखें और कोशिश करें कि वहां तेज हवा न आ रही हो। पूजा करते समय मन को शांत रखें और जल्दबाजी से बचें। धार्मिक मान्यताओं में कहा गया है कि भगवान तक आपकी भावना पहुंचती है, न कि केवल पूजा की सामग्री।

शकुन शास्त्र की क्या मान्यता है

शकुन शास्त्र के अनुसार, पूजा में सबसे ज्यादा महत्व सच्ची श्रद्धा और विश्वास का होता है। अगर पूजा के दौरान कोई छोटी-मोटी रुकावट आ जाए तो उसे अशुभ मानकर डरने की जरूरत नहीं है। शांत मन से भगवान का नाम लें और अपनी पूजा पूरी करें। सकारात्मक सोच के साथ की गई पूजा को ही सबसे अच्छा माना गया है।

आस्था के साथ समझदारी भी जरूरी है

धार्मिक मान्यताएं हमारी परंपरा का हिस्सा हैं और उनका सम्मान करना चाहिए। लेकिन हर छोटी घटना के पीछे कोई चमत्कारी कारण हो, यह जरूरी नहीं है। अगरबत्ती का बुझना कई बार सिर्फ हवा, नमी या उसकी गुणवत्ता की वजह से भी हो सकता है। इसलिए आस्था रखें, लेकिन हर बात को समझदारी से भी देखें। सबसे जरूरी बात यह है कि पूजा दिखावे से नहीं, बल्कि साफ मन और सच्चे विश्वास के साथ की जाए।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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