Premanand Ji Maharaj Darshan Time (16 April 2026): वृंदावन की पावन भूमि पर संतों और भक्तों का संगम हर दिन देखने को मिलता है, और जब बात Premanand Ji Maharaj के दर्शन की हो, तो श्रद्धालुओं की उत्सुकता और भी बढ़ जाती है। यदि आप कल 16 अप्रैल 2026, गुरुवार के दिन महाराज जी के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यहां आपको दिनभर का पूरा शेड्यूल और सही स्थान की जानकारी मिल जाएगी। आगे पढ़ें महाराज जी से मिलने का सही समय और स्थान।
प्रेमानंद जी महाराज का मॉर्निंग शेड्यूल
महाराज जी के आश्रम का वातावरण सुबह के समय बेहद दिव्य और शांत रहता है। भजन, सत्संग और आरती से पूरा परिसर भक्ति रस में डूब जाता है। सुबह 07:00 से 10:00 के बीच श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। भीड़ को देखते हुए समय से पहले पहुंचना बेहतर रहता है। जिससे आपको किसी तरह की असुविधा न हो।
- 04:15 AM – 05:45 AM: दैनिक सत्संग (महाराज जी के उपदेश)
- 05:45 AM – 06:30 AM: मंगला आरती एवं वन विहार
- 06:30 AM – 08:00 AM: श्री राधा सुधा निधि पाठ
- 07:00 AM – 08:00 AM: एकांतिक वार्तालाप (सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के लिए)
- 08:15 AM – 09:00 AM: श्रृंगार आरती एवं भक्त नामावली
- 09:00 AM – 09:30 AM: राधा नाम संकीर्तन
शाम के समय आश्रम का शेड्यूल
रविवार की शाम को आश्रम में विशेष भक्तिमय वातावरण देखने को मिलता है। यह समय उन भक्तों के लिए खास होता है जो दिनभर की भागदौड़ के बाद शांति और सुकून की तलाश में आश्रम पहुंचते हैं।
- 04:00 PM – 04:15 PM धूप आरती
- 04:15 PM – 05:15 PM वाणी पाठ
- 05:15 PM – 05:45 PM सत्संग एवं चर्चा
- 05:45 PM – 06:00 PM संध्या आरती
16 अप्रैल को कहां होंगे प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन?
नई व्यवस्था के अनुसार अब महाराज जी पारंपरिक वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर नहीं आते हैं। इसकी जगह वे सौरभि कुंड की ओर जाते हुए रास्ते में ही भक्तों को दर्शन देते हैं। कल सुबह लगभग 06:00 से 07:00 के बीच महाराज जी इस मार्ग पर पहुंचेंगे। यही समय सबसे उपयुक्त है जब श्रद्धालु उनके दर्शन कर सकते हैं।
महाराज जी वाहन से केलि कुंज से निकलते हैं और सौरभि कुंड की ओर जाते समय कुछ दूरी पैदल चलते हुए भक्तों को दर्शन देते हैं। यही समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। जब भक्त एक लंबी कतार में खड़े होकर महाराज जी के दर्शन कर सकते हैं।
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