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Mahashivratri Vrat During Periods: क्या पीरियड्स में महाशिवरात्रि व्रत रख सकते हैं? जानिए क्या है नियम

Mahashivratri Vrat During Periods (पीरियड्स में शिवरात्रि का व्रत करना चाहिए या नहीं): महाशिवरात्रि का पावन त्योहार इस साल 26 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन कई श्रद्धालु व्रत रखते हैं। लेकिन अगर इस व्रत के दौरान महिलाओं को पीरियड्स आ जाएं तो ऐसे में क्या करना चाहिए। इस बारे में हम आपको बताएंगे।

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Mahashivratri Vrat During Periods

Mahashivratri Vrat During Periods (पीरियड्स में शिवरात्रि का व्रत करना चाहिए या नहीं): महाशिवरात्रि सनातन धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में से एक माना जाता है। जो हर साल फाल्गुन महीने में आता है। इस साल ये पर्व 26 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन कई श्रद्धालु उपवास रखते हैं। लेकिन महिलाओं का अक्सर ये सवाल रहता है कि अगर व्रत के दौरान पीरियड्स आ जाएं तो ऐसे में क्या करना चाहिए। क्या मासिक धर्म में भी ये व्रत रखा जा सकता है। चलिए इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

पीरियड्स में महाशिवरात्रि व्रत रख सकते हैं? (Periods Me Mahashivratri Fast Rakh Sakte Hai)

यदि महाशिवरात्रि व्रत रहते हुए पीरियड्स आ जाएं तो ऐसी स्थिति में महिलाओं को ये व्रत बीच में अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए। लेकिन अगर व्रत शुरू करने से पहले ही आपके पीरियड्स शुरू हो गए हैं तो बेहतर होगा कि आप इस व्रत को न रखें। लेकिन अगर फिर भी आप इस व्रत को रखना चाहती हैं तो ध्यान रहे कि पूजा नहीं करनी है। इस दौरान आप मन ही मन पूजा कर सकती हैं लेकिन पूजन सामग्री को स्पर्श नहीं करना है। शिव भक्ति के लिए मन की शुद्धता बेहद जरूरी होता है। इसलिए आप मन में भगवान की भक्ति करते रहें।

पीरियड्स में महाशिवरात्रि की पूजा कैसे करें (Periods Mein Maha Shivratri Ki Puja Kaise Kare)

पीरियड्स के दौरान महाशिवरात्रि की पूजा में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होना है। आप अपनी जगह किसी और से पूजा करा सकती हैं। इस दौरान भगवान की मूर्ति, पूजा सामग्री व भोग को स्पर्श करने से बचें। पूरी श्रद्धा से मन में शिव का नाम लें और महादेव के मन्त्रों का जाप करें।

पीरियड्स के दौरान पूजा-पाठ की क्यों है मनाही? (Periods Mein Puja Kyu Nahi Karni Chahiye)

विद्वान बताते हैं कि पीरियड्स में महिलाओं को पूजा-पाठ इसलिए नहीं करनी चाहिए क्योंकि उस समय महिलाओं के शरीर में ऊर्जा का संचार काफी अधिक होता है। कहते हैं इस ऊर्जा को भगवान भी सहन नहीं कर सकते हैं। इसे इस तरीके से समझ सकते हैं कि जब कोई महिला पीरियड्स के दौरान तुलसी में जल डालती है, तो तुलसी भी सूख जाती है। उसी तरह से भगवान भी इस ऊर्जा को सहन नहीं कर पाते हैं। इसलिए पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ करने से मना किया जाता है।

पीरियड्स के कितने दिन बाद पूजा कर सकते हैं (Periods Ke Kitne Din Baad Puja Kar Sakte Hai)

कहा जाता है कि पीरियड्स के 5वें दिन आप बाल धोकर पूजा में शामिल हो सकती हैं। वहीं जिन महिलाओं के पीरियड्स दो या तीन दिन तक ही चलते हैं वो चौथे दिन नहा धोकर पूजा में शामिल हो सकती हैं। तो वहीं जिन महिलाओं के पीरियड्स 7 दिनों तक चलते हैं वो आठवें दिन से पूजा कर सकती हैं। लेकिन जरूरी पूजा-पाठ में वे पीरियड्स के 5 दिन बाद भी शामिल हो सकती हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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