अध्यात्म

Papmochini Ekadashi 2023 Date: पापमोचनी एकादशी कब है, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 4, 2023, 05:37 AM IST

Papmochani Ekadashi 2023: ये एकादशी होलिका दहन (Holika Dahan) और चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के बीच आती है। इसे कई लोग चैत्र एकादशी (Chaitra Ekadashi) के नाम से भी जानते हैं।

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पापमोचिनी एकादशी 2023 तिथि और शुभ मुहूर्त

Papmochini Ekadashi 2023 Date, Muhurat, Puja Vidhi: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। ये तिथि महीने में दो बार पड़ती है। इनमें चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को पापमोचिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ये एकादशी पाप नष्ट करने वाली एकादशी है। यानी जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से व्रत रख भगवान विष्णु की उपासना करता है उसे अपने सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है।

साल में आने वाली सभी एकादशी में पापमोचिनी एकादशी बेहद खास मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा भी जरूर करें। साथ ही एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।

Papmochini Ekadashi 2023 Date (पापमोचनी एकादशी कब है?)

पापमोचनी एकादशी तिथि की शुरुआत 17 मार्च को दोपहर 2 बजकर 06 मिनट से हो रही है और इसका समापन 18 मार्च सुबह 11 बजकर 13 मिनट पर होगा। उदया तिथि को मानकर ये व्रत 18 मार्च को रखा जाएगा। इस व्रत के पारण के लिए शुभ मुहूर्त 19 मार्च की सुबह 6:27 बजे से 8:07 बजे तक है।

Papmochini Ekadashi 2023 Puja Vidhi (पापमोचिनी एकादशी पूजा विधि)

  • इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान-ध्यान के बाद व्रत का संकल्प लें।
  • अब भगवान विष्णु की षोडषोपचार पूजा करें।
  • पूजन के समय भगवान को धूप, दीप, तिल फल, चंदन, आदि अर्पित करें।
  • फिर, विष्णुसहस्र नाम और नारायण स्तोत्र का पाठ करें।
  • पूजा के समय एकादशी व्रत कथा जरूर सुनें।
  • इसके बाद भगवान विष्णु और एकादशी माता की आरती करें।
  • आरती के बाद भगवान को भोग लगाएं और प्रसाद सभी में बांट दें।
  • इस दिन जरूरतमंदों और गरीबों को भोजन कराकर दान अवश्य दें।
  • पापमोचनी एकादशी वाली रात में जागरण कर भगवान का स्मरण करें।
  • फिर अगली सुबह यानी द्वादशी के दिन विधिवत रूप से पारण कर लें।

Papmochini Ekadashi Significance (पापमोचनी एकादशी का महत्व)

पापमोचनी एकादशी जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि ये एकादशी पापों को नष्ट करने वाले एकादशी होती है। मान्यताओं अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की विधि पूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को बड़े से बड़े पापों से भी छुटकारा मिल जाता है। इतना ही नहीं इस दिन जो व्यक्ति भगवान विष्णु की पूजा करता है उसके जन्म जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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