📅 आज का पंचांग ज्योतिषियों के लिए पूरे दिन की दिशा निर्धारित करने वाला है। आज अमावस्या तिथि, पुनर्वसु 16:44:50 तक नक्षत्र एवं हर्शण 09:50:45 तक योग है। ये संयोजन आध्यात्मिक साधना, पूजन, व्रत आदि के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं। गुरूवार को शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
आज कौन सा व्रत है
आज गुरुवार और सावन मास की हरियाली अमावस्या का व्रत है।सूर्य-चंद्र की स्थिति:
सूर्य की स्थिति – 05:37:36 से 19:17:12 तक, चंद्रमा – मिथुन - 11:00:11 तक राशि, चंद्रोदय – चन्द्रोदय नहीं, चंद्रास्त – 19:15:00।
संवत्सर:
शक – 1947, विक्रम – 2082, काली – 5126। मास – श्रावण, ऋतु – वर्षा।
✅ शुभ समय:
अभिजीत मुहूर्त – 12:00:04 से 12:54:43 तक
🛑 अशुभ मुहूर्त:
राहु काल व यमगण्ड काल में शुभ कार्य न करें।
राहु काल: 14:09:50 से 15:52:17 तक
यमगण्ड: 05:37:36 से 07:20:03 तक
🌌 चंद्रबल व ताराबल:
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर को चंद्रबल प्राप्त है। भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती जैसे नक्षत्र ताराबल से युक्त हैं।
