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Navratri 2023 Puja Vidhi, Aarti: नवरात्रि पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, शुभ रंग, माता का भोग, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ जानें यहां

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 22, 2023, 09:02 AM IST

Navratri 2023 Puja Vidhi, Aarti, Samagri, Mantra, Procedure: नवरात्रि के त्योहार का आज से आगाज हो चुका है। इस साल चैत्र नवरात्रि 22 मार्च 2023 से लेकर 31 मार्च 2023 तक रहेंगी। जानिए नवरात्रि पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती से लेकर इस पर्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी यहां।

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नवरात्रि के बारे में जानें सबकुछ

Navratri 2023 Puja Vidhi, Aarti, Samagri, Mantra, Procedure: 22 मार्च से यानी आज से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गई हैं। नवरात्रि हिंदू धर्म का विशेष पर्व है। नवरात्रि शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है नौ रातें। नवरात्रि में नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हर व्यक्ति मां को प्रसन्न करने के लिए पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना करता है। नवरात्रि के नौ दिन कई लोग व्रत भी रखते हैं। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना (Ghatasthapana) के साथ होती है और इसका समापन राम नवमी (Ram Navami) और दुर्गा नवमी (Durga Navami) के दिन होता है।

जानिए नवरात्रि घटस्थापना विधि और मुहूर्त, माता रानी की सवारी, मां दुर्गा के मंत्र, माता की आरती, नवरात्रि की व्रत कथा, नवरात्रि की नौ दिन की देवी और उनका भोग, नवरात्रि के 9 दिनों के कलर, यहां आप जानेंगे नवरात्रि से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां।

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त 2023 (Chaitra Navratri Kalash Sthapana Muhurat 2023)

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना22 मार्च 2023
घटस्थापना मुहूर्तसुबह 06:23 से सुबह 07:32 तक
घटस्थापना मुहूर्त की अवधि1 घण्टा 09 मिनट
प्रतिपदा तिथि21 मार्च 2023 को रात 10:52 बजे
प्रतिपदा तिथि की समाप्ति22 मार्च 2023 की सुबह 06:23 बजे

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना विधि (Chaitra Navratri Kalash Sthapana Vidhi)

नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त और सही तरीके से ही घटस्थापना करनी चाहिए। इसके लिए पूजा स्‍थल को पहले अच्छे से साफ कर लें। वहां पर मिट्टी की वेदी बनाकर या मिट्टी के बड़े पात्र में जौ बोएं। अब कलश या मिट्टी का पात्र लें और उसकी गर्दन पर मौली बांध लें। फिर कलश पर तिलक लगाएं और उसमें जल भर दें। जल के साथ ही कलश में अक्षत, सुपारी, सिक्का आदि चीजें भी डाल दें। अब एक नारियल लें और उसे लाल कपड़े में लपेट लें। नारियल और लाल कपड़े या चुन्नी को रक्षा सूत्र में बांध लें। इसके बाद जमीन को साफ करके सबसे पहले जौ वाला पात्र रखें, उसके बाद उस पर पानी से भरा कलश रखें, फिर कलश के ढक्कन पर नारियल रख दें। अब कलश पर स्वास्तिक का चिह्न बनाएं और दुर्गा जी की प्रतीमा के पास में कलश स्थापित कर दें। इस कलश को 9 दिनों तक मंदिर में ही रखें।

नवरात्रि में 9 दिन, 9 देवियां, 9 भोग, 9 बीज मंत्र

दिनदेवीदेवियों के नाम का अर्थमंत्रभोग
पहला दिनशैलपुत्रीपहाड़ों की पुत्रीह्रीं शिवायै नम:गाय का घी
दूसरा दिनब्रह्मचारिणी ब्रह्मचारीणीह्रीं श्री अम्बिकायै नम:शक़्कर
तीसरा दिनचंद्रघंटा चांद की तरह चमकने वाली ऐं श्रीं शक्तयै नमदूध व दूध की मिठाई
चौथा दिनकूष्मांडापूरा जगत में फैले पैर ऐं ह्री देव्यै नम:मालपुए
पांचवा दिनस्कंदमाता कार्तिक स्वामी की माताह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:केला
छठा दिनकात्यायनी कात्यायन आश्रम में जन्मीक्लीं श्री त्रिनेत्राय नम:शहद
सातवां दिनकालरात्रि काल का नाश करने वालीक्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:गुड़
आठवां दिनमहागौरी सफेद रंग वाली मांश्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:नारियल
नौवां दिनसिद्धिदात्रीसर्व सिद्धि देने वालीह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:तिल
Navratri Vrat Katha

नवरात्रि के 9 दिनों में करें इन 9 रंगों का इस्तेमाल (Navratri 9 Days Colours)

दिनरंग
प्रतिपदापीला रंग
द्वितीयाहरा रंग
तृतीयाभूरा रंग
चतुर्थीनारंगी रंग
पंचमीसफेद रंग
षष्ठीलाल रंग
सप्तमीनीला रंग
अष्टमीगुलाबी रंग
नवमीबैगनी रंग

ऐसे तय होता है माता का वाहन

नवरात्रि यदि रविवार या सोमवार से शुरू होती हैं मां दुर्गा 'हाथी' पर सवार होकर आती हैं। यदि शनिवार और मंगलवार से नवरात्रि की शुरुआत हो तो माता 'घोड़े' पर सवार होकर आती हैं। वहीं यदि गुरुवार और शुक्रवार से नवरात्रि शुरू होती हैं तो माता की सवारी टपालकीट होती है। और अगर नवरात्रि बुधवार से शुरू हो रही हैं तो मां दुर्गा टनावट में सवार होकर आती हैं। इस चैत्र नवरात्रि 2023 में मां नौका पर सवार होकर आ रही हैं।

मां दुर्गा के सोलह श्रृंगार

कुमकुम या बिंदी, सिंदूर, काजल, मेहंदी, गजरा, लाल रंग का जोड़ा, मांग टीका, नथ, कान के झुमके, मंगल सूत्र, बाजूबंद, चूड़ियां, अंगूठी, कमरबंद, बिछुआ, पायल।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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