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चैत्र नवरात्रि घटस्थापना विधि, मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ जानें यहां

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना विधि, मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ जानें यहां

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना विधि, मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ जानें यहां

चैत्र नवरात्रि यानी मां दुर्गा की उपासना के नौ दिन। जो इस बार 22 मार्च से शुरू हो रहे हैं। ये 9 दिन बेहद ही शुभ, पवित्र, पावन माने जाते हैं। मान्यताओं अनुसार जो व्यक्ति इस दौरान सच्चे मन से मां की पूजा-अर्चना करता है उसके जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। इतना ही नहीं मां की पूजा से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। चैत्र नवरात्रि का पहला दिन सबसे खास होता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना (Ghatasthapana) की जाती है। हालांकि इस वर्ष नवरात्रि पंचक में प्रारंभ हो रही हैं तो ऐसे में घटस्थापना का क्या रहेगा मुहूर्त और क्या है नवरात्रि की पूजा विधि सबकुछ जानिए यहां।

भारत में कई जगह पर चैत्र नवरात्रि को गुड़ी पड़वा (Gudi Padwa) के नाम से जाना जाता है। इस दिन से हिंदू नव वर्ष (Hindi New Year) की शुरुआत भी हो जाती है। इस दौरान माता के नौ स्वरूपों शैलपुत्री देवी, ब्रह्मचारिणी देवी, चंद्रघंटा देवी, कुष्मांडा देवी, स्कंदमाता देवी, कात्यायनी देवी, कालरात्रि देवी, महागौरी देवी, और सिद्धिदात्री देवी की पूजा का विधान बताया गया है। इस साल मां की उपासना के ये नौ दिन 22 मार्च से लेकर 30 मार्च तक रहेंगे और 31 मार्च को नवरात्रि व्रत का पारण किया जाएगा।

इस वर्ष चैत्र नवरात्रि पंचक में शुरू हो रही है। बता दें पंचक 19 मार्च से 23 मार्च तक रहेंगे और इसी बीच नवरात्रि पर्व 22 मार्च से शुरू हो जाएगा। ऐसे में नवरात्रि के 2 दिन पंचक रहेगा। आमतौर पर पंचक के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। लेकिन नवरात्रि पूजा पर पंचर का प्रभाव नहीं पड़ेगा। आप नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना कर सकेंगे। आगे जानिए घटस्थापना मुहूर्त।

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त 2023 (Chaitra Navratri Ghatasthapana Muhurat 2023):

  • चैत्र नवरात्रि घटस्थापना 22 मार्च 2023 को बुधवार के दिन की जाएगी।
  • इस दिन घटस्थापना मुहूर्त सुबह 06:23 से सुबह 07:32 तक रहेगा।
  • घटस्थापना मुहूर्त की अवधि 1 घण्टा 09 मिनट की रहेगी।
  • घटस्थापना मुहूर्त, द्वि-स्वभाव मीन लग्न के दौरान है।
  • प्रतिपदा तिथि 21 मार्च 2023 को रात 10:52 बजे से शुरू होगी।
  • प्रतिपदा तिथि की समाप्ति 22 मार्च 2023 को रात 08:20 बजे होगी।
  • मीन लग्न की शुरुआत 22 मार्च 2023 की सुबह 06:23 बजे पर होगी।
  • मीन लग्न की समाप्ति 22 मार्च 2023 को सुबह 07:32 बजे पर होगी।

नवरात्रि पूजा के नौ दिन (Navratri Puja 9 Days)
पहला दिन- 22 मार्च 2023, बुधवार, मां शैलपुत्री
दूसरा दिन- 23 मार्च 2023, गुरुवार, मां ब्रह्मचारिणी पूजा
तीसरा दिन- 24 मार्च 2023, शुक्रवार, मां चंद्रघंटा पूजा
चौथा दिन- 25 मार्च 2023, शनिवार, मां कुष्मांडा पूजा
पांचवा दिन- 26 मार्च 2023, रविवार, मां स्कंदमाता पूजा
छठा दिन- 27 मार्च 2023, सोमवार, मां कात्यायनी पूजा
सातवां दिन- 28 मार्च 2023, मंगलवार, मां कालरात्रि पूजा
आठवां दिन- 29 मार्च 2023, बुधवार, मां महागौरी पूजा
नौवां दिन- 30 मार्च 2023, गुरुवार, मां सिद्धिदात्री पूजा और रामनवमी
दसवां दिन- 31 मार्च 2023, शुक्रवार, दशमी और नवरात्रि पारणा

चैत्र नवरात्रि 2023 घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती, महत्व, दुर्गा सप्तशती पाठ, दुर्गा चालीसा से लेकर नवरात्रि से जुड़ी हर बात जानने के लिए बने रहिए हमारे इस लाइव ब्लॉग पर...

MAR 22, 2023 09:59 IST

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना विधि (Chaitra Navratri Kalash Sthapana Vidhi)

नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त और सही तरीके से ही घटस्थापना करनी चाहिए। इसके लिए पूजा स्‍थल को पहले अच्छे से साफ कर लें। वहां पर मिट्टी की वेदी बनाकर या मिट्टी के बड़े पात्र में जौ बोएं। अब कलश या मिट्टी का पात्र लें और उसकी गर्दन पर मौली बांध लें। फिर कलश पर तिलक लगाएं और उसमें जल भर दें। जल के साथ ही कलश में अक्षत, सुपारी, सिक्का आदि चीजें भी डाल दें। अब एक नारियल लें और उसे लाल कपड़े में लपेट लें। नारियल और लाल कपड़े या चुन्नी को रक्षा सूत्र में बांध लें। इसके बाद जमीन को साफ करके सबसे पहले जौ वाला पात्र रखें, उसके बाद उस पर पानी से भरा कलश रखें, फिर कलश के ढक्कन पर नारियल रख दें। अब कलश पर स्वास्तिक का चिह्न बनाएं और दुर्गा जी की प्रतीमा के पास में कलश स्थापित कर दें। इस कलश को 9 दिनों तक मंदिर में ही रखें।
MAR 22, 2023 08:57 IST

नवरात्रि में माता की सवारी ऐसे तय की जाती है (Navratri Mata Sawari)

नवरात्रि यदि रविवार या सोमवार से शुरू होती हैं मां दुर्गा 'हाथी' पर सवार होकर आती हैं। यदि शनिवार और मंगलवार से नवरात्रि की शुरुआत हो तो माता 'घोड़े' पर सवार होकर आती हैं। वहीं यदि गुरुवार और शुक्रवार से नवरात्रि शुरू होती हैं तो माता की सवारी टपालकीट होती है। और अगर नवरात्रि बुधवार से शुरू हो रही हैं तो मां दुर्गा टनावट में सवार होकर आती हैं। इस चैत्र नवरात्रि 2023 में मां नौका पर सवार होकर आ रही हैं।
MAR 22, 2023 08:01 IST

माता की आरती, जय अंबे गौरी आरती हिंदी लिरिक्स (Mata Ki Aarti, Jai Ambe Gauri Aarti Hindi Lyrics)

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै ।
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
कानन कुण्डल शोभित,नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे ।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरों ।
बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुख हरता । सुख संपति करता ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी ।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती ।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
श्री अंबेजी की आरती, जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।
MAR 22, 2023 07:36 IST

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना विधि (Chaitra Navratri Kalash Sthapana Vidhi)

नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त और सही तरीके से ही घटस्थापना करनी चाहिए। इसके लिए पूजा स्‍थल को पहले अच्छे से साफ कर लें। वहां पर मिट्टी की वेदी बनाकर या मिट्टी के बड़े पात्र में जौ बोएं। अब कलश या मिट्टी का पात्र लें और उसकी गर्दन पर मौली बांध लें। फिर कलश पर तिलक लगाएं और उसमें जल भर दें। जल के साथ ही कलश में अक्षत, सुपारी, सिक्का आदि चीजें भी डाल दें। अब एक नारियल लें और उसे लाल कपड़े में लपेट लें। नारियल और लाल कपड़े या चुन्नी को रक्षा सूत्र में बांध लें। इसके बाद जमीन को साफ करके सबसे पहले जौ वाला पात्र रखें, उसके बाद उस पर पानी से भरा कलश रखें, फिर कलश के ढक्कन पर नारियल रख दें। अब कलश पर स्वास्तिक का चिह्न बनाएं और दुर्गा जी की प्रतीमा के पास में कलश स्थापित कर दें। इस कलश को 9 दिनों तक मंदिर में ही रखें।
MAR 22, 2023 06:47 IST

चैत्र नवरात्रि और पंचक (Chaitra Navratri And Panchak)

इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत पंचक में ही होगी। पंचक का प्रारम्भ १९ मार्च से हुआ था जो की २३ मार्च तक रहेगा। पंचक का प्रारम्भ रविवार से हुआ हैं इसलिए इस पंचक को रोग पंचक कहा जाता है। सामान्य जीवन में पंचक के अशुभ प्रभाव भी देखें जाते हैं। आम तौर पर पंचक का नवरात्रि पर प्रभाव कम ही होता हैं लेकिन इस वर्ष पंचक की निर्माण के साथ साथ और गृह नक्षत्रों की स्तिथि के सामायिक विश्लेषण से ये समय बहुत ज्यादा अच्छा नहीं है। विशेष व्यक्तियो और बड़े पदों आसन्न व्यक्तियों के जीवन में रोग आने की संभावना हो सकती है। उनके जीवन में स्वस्थ्य का उतार चढ़ाव हो सकता है। साथ ही साथ पशु पक्षियों को भी रोग हो सकता हैं और उनसे जुड़े कार्यक्षेत्र में लोगो को नुक्सान हो सकता है।
MAR 22, 2023 06:19 IST

मां शैलपुत्री की आरती (Maa Shailputri Aarti Lyrics in Hindi)

शैलपुत्री मां बैल पर सवार करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि सिद्धि परवान करे तू। दये करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती जिसने तेरी उतारी।
उसकी सगरी आस जगा दो। सगरे दुख तकलीफ मिटा दो।
घी का सुंदर दीप जलाकर। गोला गरी का भोग लगा कर।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी। शिव मुख चंद चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
MAR 22, 2023 06:05 IST

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की होगी पूजा (Chaitra Navratri First Day Puja)

माता शैलपुत्री का जन्म पर्वत राज हिमालय के घर हुआ था। इसी कारण से उन्हें शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है। माता के स्वरूप की बात करें, तो उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल व और बाएँ हाथ में कमल का फूल है। देवी के माथे पर अर्ध चंद्र सुशोभित है। नंदी बैल यानि वृषभ माता की सवारी है, इसलिए देवी शैलपुत्री को वृषारूढ़ा के नाम से भी जाना जाता है। माँ शैलपुत्री ही सती के नाम से भी जानी जाती हैं।
MAR 22, 2023 05:28 IST

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना महत्व और शुभ मुहूर्त (Chaitra Navratri Ghatasthapana Muhurat)

हिन्दू धर्म में किसी भी पूजा या शुभ कार्यक्रम की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि यानी कि पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि हमारे धर्म में कलश को भगवान गणेश की संज्ञा दी गई है। मान्यता है कि यदि घटस्थापना शुभ मुहूर्त में और विधिवत न की जाए तो माता रानी नाराज़ हो जाती हैं, इसलिए शुभ मुहूर्त और सही विधि का पता होना बहुत ज़रूरी है। घटस्थापना मुहूर्त 22 मार्च 2023 को 06:23 से 07:32 तक रहेगा।
MAR 21, 2023 23:48 IST

Navratri 2023: देवी मां के कदम आपके घर में आएं

देवी मां के कदम आपके घर में आएंआपका जीवन ख़ुशियों से भर जाएपरेशानियां आपसे आंखें चुराएनवरात्रि की आपको ढेरों शुभकामनाएं
MAR 21, 2023 23:31 IST

Navratri 2023: रामायण पाठ करने का महत्व

नवरात्रि में देवी दुर्गा के साथ भगवान राम की पूजा करने का विधान है । नवरात्रि में रामायण का पाठ करने से भगवान राम प्रसन्न होते हैं और भक्त पर उनकी कृपा बरसती है । घर में रामायण का पाठ करने से कोई भी विपत्ति नहीं आती और किसी भी प्रकार का शत्रु भय नहीं होता ।
MAR 21, 2023 23:15 IST

माता के त्रिनेत्र की रंगोली

मां दुर्गा को समर्पित ये रंगोली, नवरात्रि के लिए बेहतरीन हो सकती है। आप अपनी पसंद के कई सारे रंगों को मिलाकर बहुत ही सुंदर रंगोली डिजाइन बना सकते हैं। माता की ये त्रिनेत्र वाली रंगोली आपके आंगन में कुछ ऐसी लगेगी मानो देवी मैया साक्षात प्रकट हुई हो। सुंदर सी रंगोली को और सुंदर बनाने के लिए आप आस पास फूल पत्ती का डिजाइन बनाकर दीए रख सकते हैं।
MAR 21, 2023 22:54 IST

Navratri 2023: शुभ नवरात्रि 2023

दुर्गा परम सनातनी जग की सृजनहार,आदि भवानी महा देवी श्रृष्टि का आधार.शुभ नवरात्रि 2023
MAR 21, 2023 22:34 IST

Navratri 2023: हमको था इंतजार वो घड़ी आ गई

हमको था इंतजार वो घड़ी आ गई,होकर सिंह पर सवार माता रानी आ गई,होगी अब मन की हर मुराद पूरी,हरने सारे दुःख माता अपने द्वार आ गई,नवरात्रि की शुभकामनाएं
MAR 21, 2023 22:07 IST

Navratri 2023: मां वरदान मत देना हमें,

मां वरदान मत देना हमें,बस थोडा सा प्यार देना हमें,तेरे चरणों में बीते ये जीवन सारा,एक बस यही आशीर्वाद देना हमें।
MAR 21, 2023 21:31 IST

Navratri 2023: हैप्पी नवरात्रि 2023

मां दुर्गा का रूप है अति सुहावन,इस नवरात्रि आप पर बरसे मां की कृपा,ख़ुशियां महके आपके घर-आंगनहैप्पी नवरात्रि 2023
MAR 21, 2023 21:16 IST

Navratri 2023: आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं।

माता रानी ये वरदान देना,बस थोड़ा सा प्यार देना,आपकी चरणों में बीते जीवन साराऐसा आशीर्वाद देना।आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं।
MAR 21, 2023 21:08 IST

Navratri 2023: काली मां की रंगोली

पीले और सफेद रंग की ये मां काली की रंगोली बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली लग रही है। आप इस रंगोली को चैत्र नवरात्रि 2023 के शुभ अवसर पर बनाएंगे, तो माता अवश्य ही आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगी। इस खास रंगोली को आप कंघी की मदद से भी बना सकते हैं, अच्छा शेड आएगा।
MAR 21, 2023 20:50 IST

Navratri 2023: नवरात्रि पूजन सामग्री

कलश स्थापना के लिए मिट्टी, मिट्टी का कलश, मिट्टी का ढक्कन, कलावा, जटा वाला नारियल, जल, गंगाजल, लाल रंग का कपड़ा, एक मिट्टी का दीपक, थोड़ा सा अक्षत, हल्दी, दुर्गासप्‍तशती किताब, साफ चावल, श्रृंगार का सामान, दीपक घी, फूल, फूलों का हार, पान, सुपारी, लाल झंडा, लौंग, लायची, बताशे या मिसरी, कपूर, उपले, फल, मिठाई, दुर्गा चालीसा, लाल रंग की गोटेदार चुनरी, आम के पत्‍ते, लंबी बत्ती के लिए रुई या बत्ती, धूप, अगरबत्ती, माचिस, आरती की किताब, देवी की प्रतिमा या फोटो, आम की लकड़ी, जौ, लोबान, गुगल, कमल गट्टा और हवन कुंड भी।
MAR 21, 2023 20:16 IST

Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिकेशरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुतेचैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
MAR 21, 2023 20:05 IST

Navratri 2023: शुभ नवरात्रि !

सारा जहान है जिसकी शरण में,नमन है उस माँ के चरण में,हम हैं उस माँ के चरणों की धूल,आओ मिलकर माँ को चढ़ाएं श्रद्धा के फूल।शुभ नवरात्रि !