अध्यात्म

पीएम मोदी ने इस मंत्र को बताया नई पीढ़ी के लिए वरदान, जानिए 'नवकार मंत्र' का महत्व और इसके फायदे

Navkar Mantra Lyrics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अप्रैल को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'नवकार महामंत्र दिवस' का उद्घाटन करते हुए 'नवकार मंत्र' के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा ये मंत्र नई पीढ़ी के लिए नई दिशा है।

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Navkar Mantra Lyrics Meaning Benefits

Navkar Mantra Lyrics: जैन समुदाय के लोग एक मंत्र का हमेशा जाप करते पाए जाते हैं, वो मंत्र है- णमोकार मन्त्र। इस मंत्र को ही 'नवकार मंत्र' और 'नमस्कार मंत्र' के नाम से जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नवकार महामंत्र दिवस' का उद्घाटन करते हुए कहा कि नवकार मंत्र केवल एक मंत्र नहीं है, बल्कि आस्था का मूल और जीवन का सार है। इस मंत्र का पाठ करते समय 108 दिव्य गुणों को नमन किया जाता है और मानवता के कल्याण का स्मरण किया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मंत्र हमें याद दिलाता है कि ज्ञान और कर्म ही जीवन की सच्ची दिशाएं हैं। पीएम ने आगे कहा कि नवकार मंत्र नई पीढ़ी के लिए मंत्र जाप नहीं बल्कि नई दिशा है।

नवकार महामंत्र क्या है? (What is Navkar Mantra)

जैन धर्म के अनुयायी सामुदायिक रूप से इस महामंत्र का जप करते हैं। नवकार महामंत्र को नमस्कार मंगल या परमेष्ठी मंत्र भी कहा जाता है। यह मंत्र जैन साधु और मुनियों को पूर्णतः समर्पित होता है। ऐसा बताया जाता है कि इस मंत्र के लगातार 1 लाख जाप धूप के साथ करने से मनोकामना की पूर्ति होती है।

नवकार या णमोकार मंत्र का अर्थ (Navkar Mantra Lyrics With Meaning)

णमो अरिहंताणं - अरिहंतों को नमस्कार हो।

णमो सिद्धाणं - सिद्धों को नमस्कार हो।

णमो अरिहंताणं - आचार्यों को नमस्कार हो।

णमो उवज्झायाणं - उपाध्यायों को नमस्कार हो।

णमो लोए सव्व साहूणं - इस लोक के सभी साधुओं को नमस्कार हो।

एसोपंचणमोक्कारो - यह पाँच परमेष्ठियों को किया हुआ नमस्कार

सव्वपावप्पणासणो - सभी पापो का नाश करने वाला है

मंगला णं च सव्वेसिं - और सभी मंगलो में

पडमम हवई मंगलं - प्रथम मंगल है

नवकार मंत्र के नियम (Navkar Mantra Niyam)

सम और विषम दोनों ही अनुपात में नवकार महामंत्र का जप किया जा सकता है। इस मंत्र का जाप मनुष्य अपनी सुविधा के अनुसार कितनी भी बार कर सकता है। ध्यान रखें कि इस महामंत्र का जप करने से पहले ध्यान मुद्रा में बैठकर मन को एकाग्र कर लें। इसके बाद ही इस महामंत्र का जप करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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