नौतपा के नौ दिनों को साल के सबसे गर्म दिन माना जाता है। इन नौ दिनों में सूर्य की तपिश इतनी भीषण होती है कि इंसान, पशु-पक्षी सभी से परेशान हो जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान किया गया दान कई गुना फलदायी माना जाता है। कहा जाता है कि नौतपा (Nautapa) में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। खास बात यह है कि इस समय ऐसे दान को अधिक महत्व दिया जाता है जो किसी को गर्मी से राहत दे सके। पानी, छाता, फल, कपड़े और अन्न जैसी चीजों का दान न केवल पुण्य दिलाता है, बल्कि मन में सकारात्मकता भी लाता है। अगर आप भी नौतपा में दान करने की सोच रहे हैं तो कुछ विशेष वस्तुएं ऐसी हैं जिन्हें दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
यह भी पढ़ें - गंगा दशहरा व्रत कथा
जल का दान माना जाता है सबसे श्रेष्ठ
नौतपा के दौरान पानी का महत्व सबसे अधिक होता है। ऐसे में प्यासे लोगों को ठंडा पानी पिलाना या सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था करवाना बहुत पुण्यदायी माना जाता है। मिट्टी के घड़े, पानी की बोतल या शर्बत का दान भी शुभ फल देता है।
छाता और चप्पल दान करने की परंपरा
भीषण धूप से बचाव के लिए छाता और चप्पल का दान करना भी नौतपा में बेहद लाभकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे व्यक्ति को जीवन में आने वाली परेशानियों से राहत मिलती है। मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को ये चीजें दान करना विशेष रूप से शुभ माना गया है।
फल और ठंडी चीजों का करें दान
गर्मी में शरीर को ठंडक देने वाले फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा और आम का दान करना भी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा सत्तू, बेल का शरबत और छाछ जैसी चीजें बांटना जरूरतमंदों को राहत पहुंचाता है।
अन्न और वस्त्र दान
नौतपा के दौरान गरीबों को भोजन कराना और हल्के सूती कपड़ों का दान करना भी शुभ माना जाता है। सफेद या हल्के रंग के वस्त्र गर्मी में आराम देते हैं, इसलिए इनका दान विशेष फलदायी बताया गया है।नौतपा में दान का असली उद्देश्य सिर्फ धार्मिक लाभ नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना है। यदि इस भीषण गर्मी में आप किसी प्यासे को पानी पिलाते हैं या किसी गरीब की मदद करते हैं, तो यही सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है।
