Chandra Gochar in Gemini : 26 फरवरी की सुबह 12 बजकर 54 मिनट पर चंद्रमा ने मिथुन राशि में गोचर करके यहां पहले से विराजमान गुरु के साथ युति बना ली। जब चंद्रमा और गुरु एक ही राशि में मिलते हैं, तब गजकेसरी योग का निर्माण होता है। ज्योतिष में इसे अत्यंत शुभ योग माना गया है। यह योग बुद्धि, सम्मान, अवसर, आर्थिक वृद्धि और सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाला माना जाता है।
मिथुन एक वायु तत्व की राशि है, जिसका संबंध संचार, व्यापार, लेखन, मीडिया, शिक्षा और नेटवर्किंग से है। गुरु ज्ञान और विस्तार का कारक है, जबकि चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों की युति से निर्णय क्षमता मजबूत होती है और सही समय पर सही अवसर मिलने की संभावना बढ़ती है। आइए जानते हैं कि यह गोचर किन राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ फलदायी हो सकता है।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए यह गोचर तीसरे भाव में हो रहा है, जो साहस, प्रयास और संचार से जुड़ा है। गजकेसरी योग आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और लंबे समय से रुके कार्यों को आगे बढ़ाने का अवसर देगा। व्यापार, मार्केटिंग, लेखन या मीडिया से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। भाई-बहनों से संबंध मजबूत होंगे और छोटी यात्राएं लाभकारी साबित हो सकती हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि में ही यह योग बन रहा है, इसलिए इसका सीधा प्रभाव आपके व्यक्तित्व और निर्णय क्षमता पर पड़ेगा। मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी और लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। इंटरव्यू, प्रस्तुति या सार्वजनिक मंच पर प्रदर्शन के लिए समय अनुकूल रहेगा। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि के लिए यह योग लाभ भाव में बन रहा है। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और मित्रों या संपर्कों से फायदा मिल सकता है। किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और आपकी लोकप्रियता में वृद्धि हो सकती है। जो लोग नौकरी में प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उन्हें सकारात्मक समाचार मिल सकता है।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए यह योग भाग्य भाव को सक्रिय कर रहा है। अचानक लाभ, यात्रा के अवसर या उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। गुरु और चंद्रमा की युति आपके आत्मविश्वास को मजबूत करेगी और निर्णयों में सकारात्मक परिणाम दे सकती है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के लिए यह योग पंचम भाव में बन रहा है, जो रचनात्मकता, संतान और निवेश से संबंधित है। कला, शिक्षा, लेखन और तकनीकी क्षेत्रों में काम करने वालों को विशेष लाभ मिल सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और स्टूडेंट्स के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच सफलता की राह आसान करेगी।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
