Paan Leaf Upay on Tuesday: मंगलवार का दिन बजरंगबली की पूजा के लिए समर्पित होता है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा-आराधना करने से हर कार्य मंगलकारी होता है और उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। मंगलवार की पूजा में हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, लड्डू का प्रसाद आदि कई चीजें अर्पित करने का महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी को पान पत्ते भी अतिप्रिय हैं। पान पत्ते से हनुमानजी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। पान पत्तों को हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ माना गया है और लगभग सभी पूजा-पाठ, अनुष्ठान और शुभ कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है।
पान पत्ते को तांबूल भी कहते हैं। पान पत्ते से जुड़े इन अचूक उपायों से न केवल भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि इन उपायों से कई संकटों से मुक्ति भी मिलती है। जानते हैं पान पत्ते से जुड़े इन अचूक उपायों के बारे में।
पान पत्ते के उपाय
नौकरी-व्यापार में तरक्की के लिए
मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करें और पूजा में चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं। फिर 5 पान के पत्ते और 5 पीपल के पत्ते की माला बनाएं और ये माला हनुमान जी पहनाएं। इस उपाय को करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और इससे नौकरी-व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती है। साथ ही तरक्की के नए मार्ग प्रशस्त होते हैं।
कष्टों से मुक्ति के लिए
पान के इस उपाय को आप मंगलवार और शनिवार दोनों ही दिन कर सकते हैं। क्योंकि मंगलवार के साथ ही हनुमान जी की पूजा के लिए शनिवार का दिन भी शुभ माना जाता है। इस उपाय को करने के लिए सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत होकर साफ कपड़े पहनें। फिर किसी हनुमान मंदिर में जाकर भगवान के चरणों में पान अर्पित करें। साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ भी करें। इससे संकटमोचन आपके सारे कष्ट हर लेंगे।
वास्तु दोष दूर करने के लिए
घर या मकान कहीं भी वास्तु दोष है तो इसके लिए आप प्रतिदिन हल्दी मिश्रित जल को पान के पत्ते से छिड़काव करें। इससे घर और दुकान में मौजूद नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
बरकत के लिए
खूब मेहनत के बाद भी बरकत नहीं है तो इसके लिए शनिवार के दिन 5 पान के पत्तों को लेकर एक धागे में बांध लीजिए। फिर इसे अपनी दुकान के पूर्व दिशा की ओर लगा दीजिए या टांग दीजिए। ऐसा हर शनिवार करें। हर शनिवार को पान के पत्ते भी बदलते हैं और पुराने पत्तों को जल में प्रवाहित कर दें। इस उपाय को करने से व्यवसाय में चल रही मंदी दूर होती है और बरकत होने लगेगी।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
