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Mangala Gauri Vrat Samagri List 2025: आज है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, जानें, मंगला गौरी व्रत की पूजा सामग्री लिस्ट और पूजा विधि

Mangala Gauri Vrat in 2025 Puja Vidhi, Samagri List, Bhog Or katha pdf Hindi mein: सावन 2025 में पहला मंगला गौरी का व्रत आज यानी 15 जुलाई को रखा जा रहा है। यहां से आप मां मंगला गौरी की पूजा के लिए विधि और पूजा की सामग्री लिस्ट विस्तार में जान सकते हैं।

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मंगला गौरी व्रत पूजा सामग्री और पूजा विधि (photo source: istock)

Mangala Gauri Vrat in 2025 Puja Vidhi, Samagri List, Bhog Or katha pdf Hindi mein: भगवान शिव को समर्पित सावन के महीने में मां मंगला गौरी का व्रत भी रखा जाता है। सावन 2025 में पहला मंगला गौरी का व्रत आज यानी 15 जुलाई को रखा जा रहा है। मां मंगला गौरी का व्रत सावन के हर एक मंगलवार को विधि अनुसार रखने की परंपरा है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत बेहद विशेष माना गया है। कहा जाता है कि जो भक्त सावन के हर एक मंगलवार को मां मंगला गौरी का व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखती हैं। जो महिलाएं मां मंगला गौरी की विधि अनुसार पूजा करती हैं उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यहां जानें मां मंगला गौरी की पूजा विधि और पूजा के सामग्री की पूरी लिस्ट।

मंगला गौरी व्रत पूजा सामग्री-

  • फल
  • दीया
  • देसी घी
  • सोलह शृंगार का सामान
  • मिठाई
  • कपास
  • पान
  • सुपारी
  • इलायची
  • लौंग
  • फूल
  • पंचमेवा
  • बाती
  • धूप
  • माचिस
  • लाल वस्त्र
  • फल
  • आसन
  • देवी की प्रतिमा
  • गंगाजल

मां गौरी का पूजा मंत्र-

1. श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।

2. या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

मंगला गौरी की पूजा विधि-

मंगलवार की सुबह जल्दी उठें और पूजा अनुष्ठान शुरू करने से पहले पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें। एक वेदी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर मां गौरी की प्रतिमा स्थापित करें। गंगाजल से अभिषेक करें। गेहूं के आटे का एक दीपक लें। उसमें 16 बत्तियां और देसी घी डालें, फिर देवी की प्रतिमा के सामने दीपक प्रज्वलित करें। सोलह शृंगार की सामग्री देवी को अर्पित करें। कमल के फूलों की माला चढ़ाएं और सिंदूर अर्पित करें। मां गौरी को समर्पित मंत्रों का जाप करें और ध्यान करें। देवी को 16 की संख्या में सभी चीजें अर्पित करें जैस- 16 शृंगार, 16 लड्डू, 16 लौंग, 16 इलायची, 16 पान, 16 फल और 16 फूल आदि । मंगला गौरी कथा का पाठ करें। आरती से पूजा को समाप्त करें। पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमायाचना करें। अंत में बड़ों का आशीर्वाद लें।

Srishti
सृष्टि author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

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