अध्यात्म

खरमास हुआ शुरू, बंद हो गए ये काम, जानिए खरमास में क्यों बंद हो जाते हैं शुभ कार्य?

Kharmas 2025: 16 दिसंबर 2025 को सूर्य ने धनु राशि में प्रवेश कर लिया है। सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास की शुरुआत हो गई है। खरमास को मलमास भी कहा जाता है। माना जाता है कि खरमास में शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। इस दौरान शुभ कार्य करने से अशुभ परिणाम प्राप्त होता है। आइए जानते हैं कि खरमास क्यों शुभ नहीं होते हैं और इस दौरान कौन से काम नहीं करने चाहिए।

खरमास का हुआ प्रारंभ

खरमास का हुआ प्रारंभ

Kharmas 2025: आज 16 दिसंबर 2025 की सुबह 4:27 बजे सूर्य ने वृश्चिक राशि से धनु राशि में गोचर कर लिया है। इसी के साथ धनु खरमास (या खर मास) प्रारंभ हो चुका है, जो 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति तक चलेगा। हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में यह अवधि लगभग 30 दिनों की होती है और इसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है।ह इस महीने के दिनों को अशुभ या नकारात्मक फल देने वाला माना जाता है। इस दौरान सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है।

खरमास में शुभ कार्य क्यों बंद हो जाते हैं?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य की शक्ति गुरु के प्रभाव में मंद पड़ जाती है। सूर्य प्रत्यक्ष देवता और जीवन शक्ति के कारक हैं, जबकि गुरु विस्तार और ज्ञान के प्रतीक है। गुरु की राशि में सूर्य की ऊर्जा कमजोर होने से इस काल में शुरू किए गए कार्यों में स्थिरता, सफलता और अपेक्षित फल नहीं मिलता है। इस कारण शास्त्रों में इसे 'निषिद्ध मास' या 'शून्य मास' कहा गया है। साल में दो बार खरमास होते हैं, पहला जब सूर्य मीन राशि में जाते हैं और दूसरा जब सूर्य धनु राशि में जाते हैं। इस अवधि में किए गए मांगलिक कार्यों में बाधा, देरी या अस्थिरता आने की संभावना रहती है। इस कारण खरमास में शुभ कार्य नहीं करने चाहिए।

कब से कब तक रहेंगे खरमास?

साल 2025 में खरमास का प्रारंभ 16 दिसंबर 2025 (सुबह 4:27 बजे) से हो गया है और इसका समापन 14 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) के दिन होगा। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। यह धनु खरमास है। अमूमन धनु खरमास दिसंबर-जनवरी के बीच होता है। वहीं, मीन खरमास मार्च और अप्रैल के बीच पड़ता है।

खरमास नहीं करने चाहिए ये कार्य

इस अवधि में कुछ कार्य पूरी तरह से वर्जित हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि वे कौन से कार्य हैं, जो खरमास में नहीं करने चाहिए?

  • इस महीने में विवाह, सगाई या अन्य वैवाहिक संस्कार नहीं करने चाहिए।
  • इस पूरे महीने में गृह प्रवेश, नींव पूजन या नए घर का निर्माण शुरू करने से बचना चाहिए।
  • खरमास में मुंडन, नामकरण, जनेऊ या अन्य बाल संस्कार नहीं होते हैं।
  • इस माह में नया व्यवसाय, दुकान या कारोबार शुरू करना अशुभ फल प्रदान करता है।
  • खरमास में वाहन, जमीन, मकान या सोना-चांदी जैसी बड़ी खरीदारी नहीं करनी चाहिए।
  • देव प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा या बड़े यज्ञ-अनुष्ठान शुरू करना भी वर्जित माना जाता है।
  • धन उधार देना या बड़ा लेन-देन करना भी इस महीने में अशुभ माना जाता है।
  • वाद-विवाद या कानूनी झगड़े बढ़ाने से इस महीने में बचना चाहिए।
इन कार्यों से बचने से जीवन में स्थिरता बनी रहती है।

खरमास में क्या करना शुभ है?

यह समय पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत उत्तम होता है।

  • इस महीने में सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ या आदित्य हृदय स्तोत्र का जप करें।
  • चना, गुड़, काला तिल, कंबल, कपड़े या धन का दान करें।
  • गंगा-यमुना जैसे तीर्थों में स्नान करें या घर में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • सात्विक भोजन ग्रहण करें, तामसिक भोजन से परहेज करें।
  • वाणी और व्यवहार में विनम्रता रखें।
खरमास भले ही शुभ कार्यों के लिए निषिद्ध हो, लेकिन यह समय आत्मचिंतन, पुण्य कर्म और सूर्य देव की आराधना के लिए सर्वोत्तम है। इन नियमों का पालन करने से जीवन में स्थिरता और सकारात्मकता बढ़ती है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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