Kartik Purnima Ki Puja Kaise Kare (कार्तिक पूर्णिमा की पूजा कैसे करें): हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विषिशे महत्व है। मान्यताओं अनुसार इस दिन भगवान विष्णु ने मत्सयावतार लिया था। ऐसे में जो भी व्यक्ति इस दिन गंगा स्नान करने के बाद दान पुण्य के कार्य करता है, उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। अगर आपको भी कार्तिक पूर्णिमा पर पूजा करनी है तो आप यहां से पूजा करने की पूरी विधि जान सकते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि (Kartik Purnima Puja Vidhi)-
- कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर व्रत का संकल्प लें और फिर किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
- अगर ऐसा कर पाना संभव नहीं है तो आप घर में ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल डालकर उससे स्नान जरूर करें।
- सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ करें।
- चंद्रोदय होने पर शिव, संभूति, संतति, प्रीति, अनसूया और क्षमता इन 6 कृतिकाओं की विधि विधान पूजा करें।
- इस दिन बैल, गाय, हाथी, घोड़ा, रथ या घी का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
- इस दिन रात्रि जागरण का भी विशेष महत्व होता है।
- कार्तिक पूर्णिमा पर जरूरतमंद लोगों को भोजन अवश्य कराना चाहिए। साथ ही इस दिन हवन भी करना चाहिए।
- इस दिन यमुना जी पर कार्तिक स्नान का समापन करके राधा-कृष्ण का पूजन और दीपदान करने की भी परंपरा है।
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान का महत्व ( Kartik Purnima Snan Importance)-
कार्तिक माह में भगवान विष्णु जल में निवास करते हैं। पद्मपुराण में यह भी उल्लेख है कि भगवान विष्णु मछली के रूप में पवित्र नदियों और जल स्रोतों में निवास करते हैं। ऐसे में नदी में स्नान करने से व्यक्ति को वैकुंठ की प्राप्ति होती है और उसे मानसिक और शारीरिक समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। कार्तिक पू्र्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से साधक को उत्तम फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही मुक्ति के द्वारा खुले हैं।
