Kartik Mass Upay: कार्तिक मास बहुत ही पवित्र होता है। यह भगवान विष्णु का माह है। भगवान विष्णु धन, ऐश्वर्य व ज्ञान प्रदान करते हैं। धन जीवन के लिए बहुत आवश्यक है। गृहस्थ जीवन में अर्थ का बहुत महत्व है। धन प्राप्ति का सम्बंध प्रारब्ध व कर्म से है। कुंडली के दशम व एकादश भाव से है। नवम का मजबूत होना यह बताता है कि धन आसानी से या बहुत परिश्रम से आएगा। द्वादश भाव व्यय का है।हम कितना बचा लेते हैं, यह भी भाग्य है।यदि घर में रोग या कोई आपदा नहीं है तो धन व्यय नहीं होगा। आप जहां रहते हैं वहां का वास्तु भी आपको प्रभावित करता है। हम कुछ वास्तु उपायों से आय प्राप्ति के स्रोत में वृद्धि कर सकते हैं। व्यय कम कर सकते हैं। धन का निवेश कर सकते हैं। कार्तिक मास में धन प्राप्ति के कुछ सरल उपाय हैं जिनको करने से आसानी से आर्थिक लाभ होता है। आइए जानते हैं कार्तिक माह में धन प्राप्ति के कुछ ज्योतिष व वास्तु टिप्स।
धन प्राप्ति के कुछ ज्योतिष व वास्तु टिप्स
- कार्तिक माह में घर में श्री यंत्र स्थापित करें। उसको विधिवत मन्दिर में स्थापित कीजिए। घर के उत्तरी हिस्से में जो कि कुबेर का स्थान है,वहां तिजोरी बनवाइये उसमें चांदी के सिक्के,अन्य ज्वेलरी तथा रुपए रखिये।तिजोरी में वीसा यंत्र व श्री यंत्र भी रख सकते हैं।
- घर में दक्षिणवर्ती शंख पूजा घर में रखें। शंख में जल भरा हो। घर में खाली शंख दरिद्रता देता है।
- वीसा यन्त्र व चौतीसा यन्त्र से भी धन का आगमन होता है। वीसा यन्त्र से धन का व्यय कभी रोग व अन्य दैविक आपदाओं पर नहीं होता है। यही श्री यंत्र व चौतीसा यन्त्र की मुख्य विशेषता है। यदि हम जो धन प्राप्त कर रहे हैं वह रोग पर न व्यय हो बल्कि उसका हम उवभोग व कुछ अंश दान कर सकें तो धन की वही सदगति है। श्री यंत्र को सिद्ध करें।उसकी नियमित पूजा करें।
- कार्तिक माह में ही दीवावली आती है। घर में खूब सफाई हो। गंदगी से धन नहीं आता।
- कार्तिक यन्त्र में गुरु यंत्र को स्थापित करें। ड्राईंग रूम में रखें।
- घर के उत्तर पूर्व दिशा में जल की व्यवस्था करें। वहां जल के लिए कोई टैंक रखें या छोटे पात्र में जल रखकर उसमें थोड़ा नमक डाल दें तो और बेहतर है।
- घर के किचेन में ही कोई एक सदस्य लकड़ी के आसन पर बैठकर भोजन करे तो कभी धन का व्यय रोग पर नहीं होगा।
- किचेन आग्नेय व नार्थ ईस्ट खुला हो।घर के किचेन में पूरे कार्तिक माह में खीर अवश्य बने। वह भगवान को भोग भी लगाएं।
- घर में तुलसी का पेड़ अवश्य हो। कार्तिक माह में तुलसी पूजा व तुलसी विवाह भी होता है। तुलसी जी की नियमित पूजा व उनके तले दीपक जलता रहे।
- पश्चिम व साउथ का वेट ज्यादा हो तो धन का संतुलन बेहतर होगा।
- घर से निकलते समय बायीं तरफ शमी व दाहिने तरफ अपराजिता का पेड़ हो।
- कार्तिक माह में भगवान विष्णु के सामने घी का दीप जलता रहे। लड्ड़ू गोपाल जी का नियमित श्रृंगार करें व भोग लगाते रहें।
