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Kanya Pujan Kab Hai 2025: कन्या पूजन कब है 6 या 7 अप्रैल? नोट कर लें सही तारीख और मुहूर्त

Kanya Pujan Kab Hai 2025 (कन्या पूजन कब है 2025): नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो श्रद्धालु इन नौ दिनों में कन्याओं को भोजन कराता है उसके ऊपर माता रानी की विशेष कृपा सदैव बनी रहती है। चलिए जानते हैं चैत्र नवरात्र में कन्या पूजन किस तारीख को है।

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Kanya Pujan Kab Hai 2025

Kanya Pujan Kab Hai 2025 (कन्या पूजन कब है 2025): इस साल कन्या पूजन की तारीख को लेकर काफी कन्फ्यूजन चल रही है। दरअसल ऐसा एक नवरात्र कम होने के कारण हो रहा है। बता दें इस साल दूसरा और तीसरा नवरात्र एक साथ पड़ गया है जिस वजह से नवरात्रि का एक दिन कम हो गया है। जो नवरात्रि इस साल 7 अप्रैल को खत्म होने थी वो अब 6 अप्रैल को ही खत्म हो जाएगी। कन्या पूजन के लिए नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि शुभ मानी जाती है। चलिए आपको बताते हैं इस साल कन्या पूजन किस तारीख को किया जाएगा।

कन्या पूजन कब है 2025 (Kanya Pujan Kab Hai 2025)

इस चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन 5 और 6 अप्रैल दोनों दिन किया जाएगा। जो लोग अष्टमी तिथि पूजते हैं वो 5 अप्रैल को कन्या पूजन करेंगे जो नवमी पूजते हैं वो 6 अप्रैल को कन्या पूजन करेंगे।

कन्या पूजन की विधि क्या है (Kanya Pujan Vidhi)

कन्या पूजन से पहले माता की विधि विधान पूजा करके हवन किया जाता है। हवन करने के बाद लोग अपने घर में कन्याओं को बुलाते हैं। सबसे पहले कन्याओं के चरण धुले जाते हैं। इसके बाद उन्हें साफ स्थान पर बिठाया जाता है। इसके बाद कन्याओं के माथे पर तिलक लगाकर उनके हाथ में कलावा भी बांधा जाता है। फिर उन्हें हलवा पूरी खिलाई जाती है। इसके बाद उन्हें गिफ्ट या दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। कहते हैं इस विधि से जो भी कन्या पूजन करता है उसक घर में कभी किसी चीज की की नहीं होती।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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