कल का पंचांग 16 मई 2026: पंचांग से जुड़ी ज्योतिषीय गहराई जानना चाहते हैं। ग्रह स्थिति, चंद्रमा की राशि, योग और उनके प्रभावों का उल्लेख है। ज्योतिषियों के लिए पूरे दिन की दिशा निर्धारित करने वाला है। आज अमावस्या तिथि, भरणी नक्षत्र 17:31:14 तक एवं सौभाग्य 10:25:08 तक योग है। ये संयोजन आध्यात्मिक साधना, पूजन, व्रत आदि के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं। शनिवार को शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
कल कौन सा व्रत है
कल वट सावित्री व्रत है।कल के पंचांग में सूर्य-चंद्र की स्थिति
सूर्य की स्थिति – 05:30:03 से 19:05:09 तक, चंद्रमा – मेष - 22:47:33 तक राशि, चंद्रोदय – 29:25:00, चंद्रास्त – 18:48:00।
संवत्सर
शक – 1947, विक्रम – 2083, काली – 5127। मास - ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) व वैशाख (अमांत), ऋतु – ग्रीष्म।कल का पंचांग: शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त – 11:50:25 से 12:44:46 तक
कल का पंचांग: अशुभ मुहूर्त
राहु काल व यमगण्ड काल में शुभ कार्य न करें।
राहु काल: 08:53:49 से 10:35:42 तक
यमगण्ड: 13:59:29 से 15:41:22 तक
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कल का पंचांग: चंद्रबल व ताराबल
मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ को चंद्रबल प्राप्त है। अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद जैसे नक्षत्र ताराबल से युक्त हैं।
