June 2026 Vivah Muhurat : हिंदू धर्म में विवाह को 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। यही कारण है कि शादी के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। जून 2026 की शुरुआत में विवाह के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि इस दौरान अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) (Purshottam Maas) का प्रभाव रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
जून 2026 में 1 जून से 15 जून तक अधिक मास का प्रभाव रहने के कारण विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद भी 16 जून से 20 जून तक शुभ नक्षत्र और योगों के अभाव में विवाह के लिए अनुकूल समय नहीं माना गया है। ऐसे में जून महीने का पहला विवाह मुहूर्त 21 जून से शुरू होगा।
21 जून से शुरू होंगे शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार 21 जून 2026 से विवाह के लिए शुभ समय प्रारंभ हो जाएगा। इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और सप्तमी तिथि का संयोग बन रहा है, जिसे विवाह के लिए शुभ माना जाता है। इसके बाद जून के अंतिम सप्ताह में लगातार कई अच्छे मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे
21 जून 2026, रविवार
- मुहूर्त: सुबह 09:31 बजे से 11:21 बजे तक
- नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
- तिथि: सप्तमी
22 जून 2026, सोमवार
- मुहूर्त: सुबह 10:31 बजे से 23 जून प्रातः 05:24 बजे तक
- नक्षत्र: हस्त
- तिथि: अष्टमी और नवमी
23 जून 2026, मंगलवार
- मुहूर्त: प्रातः 05:24 बजे से 10:13 बजे तक
- नक्षत्र: हस्त
- तिथि: नवमी
24 जून 2026, बुधवार
- मुहूर्त: दोपहर 01:59 बजे से 25 जून प्रातः 05:25 बजे तक
- नक्षत्र: स्वाती
- तिथि: दशमी और एकादशी
25 जून 2026, गुरुवार
- मुहूर्त: प्रातः 05:25 बजे से 07:08 बजे तक
- नक्षत्र: स्वाती
- तिथि: एकादशी
26 जून 2026, शुक्रवार
- मुहूर्त: शाम 07:16 बजे से 27 जून प्रातः 05:25 बजे तक
- नक्षत्र: अनुराधा
- तिथि: द्वादशी और त्रयोदशी
27 जून 2026, शनिवार
- मुहूर्त: प्रातः 05:25 बजे से रात 10:11 बजे तक
- नक्षत्र: अनुराधा
- तिथि: त्रयोदशी
29 जून 2026, सोमवार
- मुहूर्त: शाम 04:16 बजे से 30 जून प्रातः 04:03 बजे तक
- नक्षत्र: मूल
- तिथि: पूर्णिमा
28 और 30 जून को क्यों नहीं है विवाह मुहूर्त
28 जून और 30 जून को विवाह के लिए शुभ नक्षत्र का समय बहुत कम उपलब्ध है। इस कारण अधिकांश ज्योतिष के विद्वान इन दिनों को विवाह के लिए उपयुक्त नहीं मानते हैं। ऐसे में इन तिथियों पर विवाह करने से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
क्यों आवश्यक है विवाह मुहूर्त
वैदिक ज्योतिष के अनुसार विवाह केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है। शुभ तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की अनुकूल स्थिति में किया गया विवाह दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और स्थिरता लेकर आता है। इस कारण विवाह की तारीख तय करते समय केवल बल्कि वर-वधू की कुंडली का मिलान नहीं शुभ मुहूर्त भी आवश्यक माना जाता है।
जून 2026 में कुल मिलाकर 21 जून से 29 जून के बीच 8 प्रमुख विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। जिन परिवारों की शादी की तैयारी चल रही है, उनके लिए जून का अंतिम सप्ताह सबसे उपयुक्त समय माना जा सकता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
