अध्यात्म

Holika Dahan Muhurat 2025: इस बार देर रात में क्यों किया जाएगा होलिका दहन? ये है बड़ी वजह

Holika Dahan Muhurat 2025: धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार, होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा पर सूर्यास्त के बाद प्रदोष के समय करना चाहिए। लेकिन इस बार इस समय पर भद्रा लग रही है।

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Holika Dahan Shubh Muhurat 2025

Holika Dahan Muhurat 2025: होलिका दहन प्रदोष काल में किया जाता है। लेकिन अगर इस समय भद्रा लगी हुई है तब होलिका दहन नहीं करना चाहिए। क्योंकि भद्रा के समय सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस साल होलिका दहन पर भद्रा रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहने वाली है। इसलिए ही इस साल होलिका दहन का मुहूर्त रात के समय है। चलिए आपको बताते हैं 2025 में होलिका दहन कब किया जाएगा और इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

होलिका दहन शुभ मुहूर्त 2025 (Holika Dahan Shubh Muhurat 2025)

2025 में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 13 मार्च की रात 11 बजकर 26 मिनट से लेकर देर रात 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस दिन भद्रा शाम 6 बजकर 57 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगी। वहीं पूर्णिमा तिथि 13 मार्च की सुबह 10:35 से शुरू होकर 14 मार्च की दोपहर 12:23 तक रहेगी। (यह भी पढ़ें- होली पर लग रहा है साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानिए क्या भारत में देगा दिखाई)

2025 में देर रात में क्यों किया जाएगा होलिका दहन (Holika Dahan Raat Me Kyu Kiya Jayega)

दरअसल इस साल रात 11 बजकर 26 मिनट से पहले होलिका दहन के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा है। इससे पहले भद्रा का प्रभाव रहेगा इसलिए ही होलिका दहन देर रात में किया जाएगा।

होलिका दहन किस समय करना चाहिए? (Holika Dahan Kis Samay Par Karna Chahiye)

धर्म ग्रंथों अनुसार भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिये सबसे उत्तम मानी जाती है। लेकिन अगर भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि का अभाव हो लेकन भद्रा मध्य रात्रि से पहले समाप्त हो रही हो। तो इस स्थिति में प्रदोष के बाद जब भी भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना चाहिये। लेकिन यदि भद्रा मध्य रात्रि में भी व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पूंछ के दौरान होलिका दहन किया जाना चाहिए। परन्तु भद्रा मुख में भूलकर भी ये शुभ काम नहीं करना चाहिये। ऐसा कहा जाता है कि भद्रा मुख में होली दहन करने से अशुभ फलों का सामना करना पड़ता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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