Hartalika Teej, हरतालिका तीज 2025 व्रत कथा: जानें पूजा विधि, आरती, Hartalika Teej Vrat Katha और शिव पार्वती व्रत कथा, आरती, पारण मुहूर्त सबकुछ
Hartalika Teej 2025 Date Time (हरतालिका तीज व्रत कब है), Teej Vrat katha (तीज व्रत कथा), Puja Shubh Muhurat, Chand Kab Niklega: हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हरतालिका तीज का व्रत मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और घर की सुख-शांति के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। हरतालिका तीज का व्रत खासतौर से यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश में किया जाता है। अब चूंकि ये आज ही हैं, इसलिए आप यहां से हरतालिका तीज की पूजा का समय, मंत्र, मुहूर्त, पूजा की विधि, तीज की कथा, आरती, पारण मुहूर्त समेत सारी जानकारी ले सकते हैं।
Hartalika Teej, हरतालिका तीज 2025 व्रत कथा: जानें पूजा विधि, आरती, Hartalika Teej Vrat Katha और शिव पार्वती व्रत कथा, आरती, पारण मुहूर्त सबकुछ
यहां से जानें- बिना पंडित, घर पर कैसे करें हरतालिका तीज की पूजा?
पंचांग अनुसार, हरतालिका तीज शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त- 4:27 AM-5:15 AM
अभिजित मुहूर्त- 11:57 AM- 12:48 PM
विजय मुहूर्त- 2:31 PM- 3:23 PM
गोधूलि मुहूर्त- 6:49 PM- 7:11 PM
अमृत काल- 11:30 PM- 1:15 AM
निशिता मुहूर्त- 12:01 AM- 27 अगस्त 12:45 AM
हरतालिका तीज व्रत कथा
हरतालिका तीज पूजा सामग्री लिस्ट
हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त-
हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक है। मतलब आपको पूजा करने के लिए 2 घंटे 35 मिनट मिलेंगे।
हरतालिका तीज की हार्दिक शुभकामनाएं 2025
हरतालिका व्रत पूजन विधि (Hartalika Teej Puja Vidhi)
हरतालिका तीज 2025: राहुकाल समय
हरतालिका तीज गीत लिरिक्स (Hartalika Teej Geet Lyrics): सात सखीअन...तीज गीत
सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
जनम युग बदय अहियात गे माई।
हरतालिका तीज पारण मुहूर्त 2025 (Hartalika Teej Parana Time 2025)
शिव जी की आरती | हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti Lyrics)
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
हरतालिका तीज व्रत कथा
कुछ समय बाद महर्षि नारद भगवान विष्णु की ओर से पार्वतीजी के लिए विवाह प्रस्ताव लेकर आए। इस विवाह प्रस्ताव को पार्वती जी के पिता ने सहर्ष ही स्वीकार कर लिया। जब माता पार्वती को ये बात पता चली तो वह बहुत दु:खी हुईं और जोर-जोर से रोने लगीं। जब माता पार्वती की सखी को उनके दुख का कारण पता चला तो वे उन्हें घने वन में लेकर चली गईं और फिर वहीं पार्वती जी एक गुफा में जाकर भगवान शिव की आराधना में लग गईं। कहते हैं मां पार्वती के इस तपस्वनी रूप को ही नवरात्रि में शैलपुत्री के नाम से पूजा जाने लगा।
फिर भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में हस्त नक्षत्र के समय माता पार्वती ने रेत से शिवलिंग बनाया और फिर विधि विधान पूजा की साथ ही रात्रि जागरण किया। कहते हैं तब माता पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन देकर उनकी इच्छानुसार अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। तभी से मान्यता है कि इस दिन जो भी महिलाएं विधि-विधानपूर्वक ये व्रत करती हैं, वे अपने मन के अनुरूप पति प्राप्त करतीं हैं।
हरतालिका तीज 2025: सबसे उत्तम 3 मुहूर्त
चर मुहूर्त- 9AM-10:46AM
लाभ मुहूर्त- 10:46AM-12:23PM
अमृत मुहूर्त- 12:23PM-1:59PM
Hartalika Teej 2025 : हरतालिका तीज
हरतालिका तीज पूजा मंत्र (Hartalika Teej Puja Mantra)
"या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:"
"सिंदूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। शुभदं कामदं चैव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्।।"
शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया। मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम्।।"
Hartalika Teej Geet Lyrics: सात सखीअन...तीज गीत
सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
जनम युग बदय अहियात गे माई।
हरतालिका तीज पर पांच प्रहर का शुभ मुहूर्त
- प्रथम पूजा मुहूर्त- सुबह 06:05 AM–08:30 AM
- द्वितीय पूजा मुहूर्त- सुबह 09:30 AM–11:30 AM
- तृतीया पूजा मुहूर्त- दोपहर 12:10 PM–01:45 PM
- चतुर्थ मुहूर्त- सूर्यास्त के आसपास: सूर्यास्त करीब 6:35 PM-6:51 PM के बीच
- पंचम (एकत्रीकरण मुहूर्त)- शाम 08:11 PM–09:37 PM
माता पार्वती की आरती | हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti Lyrics)
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
हरतालिका तीज व्रत के नियम (Hartalika Teej Vrat Niyam In Hindi)
- हरतालिका तीज व्रत का सबसे पहला नियम ये है कि ये व्रत निर्जला रखा जाता है। यानी कि इसमें अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है।
- अगर एक बार जो स्त्री इस व्रत को शुरू कर देती है तो फिर उसे हर साल इस व्रत को करना होता है। इस व्रत को बीच में छोड़ना अशुभ माना जाता है।
- हरतालिका तीज व्रत के दिन रात में जागकर भजन-कीर्तन और जागरण करना चाहिए।
- इस दिन व्रती महिलाओं की मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर उसकी पूजा करनी चाहिए।
- इस दिन महिलाओं को एक पिटारे में सुहाग की सभी सामग्री माता पार्वती को अर्पित करना चाहिए।
- पूजा के अगले दिन ही सुहाग सामग्री दान भी कर दी जाती है।
- हरतालिका तीज व्रत रखने वाली महिलाओं को हाथों पर मेहंदी जरूर लगानी चाहिए।
- इसके अलावा महिलाओं को तीज की पूजा से पहले 16 श्रृंगार कर अच्छे से तैयार होना चाहिए।
Hartalika Teej 2025: शिव-पार्वती फोटो
हरतालिका तीज 2025 शाम की पूजा का मुहूर्त
हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त
हरतालिका तीज पूजा सामग्री लिस्ट (Hartalika Teej Puja Samagri List)
पूजा के लिए मिट्टी का कलश और ढक्कन
मिट्टी के दीपक
भगवान के वस्त्र
माता पार्वती के श्रृंगार का सामान
घी
शहद
पानी वाला नारियल
मक्का
भस्म
रोली
कलावा
चावल
लौंग
इलायची
सुपारी
जनेऊ
गुलाल
सिंदूर
रूई बत्ती
धूपबत्ती
कपूर
भगवान की मूर्ति स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी
शिव जी की आरती | हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti Lyrics)
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
Hartalika Teej Geet: सात सखीअन...हरतालिका तीज गीत लिरिक्स
सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
जनम युग बदय अहियात गे माई।
घर पर हरतालिका तीज की पूजा कैसे करें? (How To Do Hartalika Teej Puja At Home)
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव-पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- पूजा स्थान को स्वच्छ करें और रंगोली बनाएं।
- एक लकड़ी के पाटे पर लाल/पीला कपड़ा बिछाएं।
- उस पर मिट्टी या धातु की शिव-पार्वती की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।
- एक कलश में जल, सुपारी, आम के पत्ते और नारियल रखें।
- कलश को देवी शक्ति का प्रतीक मानकर पूजें।
- शिव-पार्वती की मूर्ति/चित्र को जल से स्नान कराएं, चंदन, अक्षत, पुष्प, वस्त्र, माला अर्पित करें।
- सिन्दूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी आदि चढ़ाएं।
- दीपक जलाकर धूप दिखाएं।
- हरतालिका तीज व्रत कथा सुनें और आरती करें।
