LIVE

Hartalika Teej, हरतालिका तीज 2025 व्रत कथा: जानें पूजा विधि, आरती, Hartalika Teej Vrat Katha और शिव पार्वती व्रत कथा, आरती, पारण मुहूर्त सबकुछ

Hartalika Teej 2025 Date Time (हरतालिका तीज व्रत कब है), Teej Vrat katha (तीज व्रत कथा), Puja Shubh Muhurat, Chand Kab Niklega: हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हरतालिका तीज का व्रत मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और घर की सुख-शांति के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। हरतालिका तीज का व्रत खासतौर से यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश में किया जाता है। अब चूंकि ये आज ही हैं, इसलिए आप यहां से हरतालिका तीज की पूजा का समय, मंत्र, मुहूर्त, पूजा की विधि, तीज की कथा, आरती, पारण मुहूर्त समेत सारी जानकारी ले सकते हैं।

सृष्टिUpdated Aug 27, 2025, 08:37 IST
Follow on Google News
Hartalika Teej, हरतालिका तीज 2025 व्रत कथा: जानें पूजा विधि, आरती, Hartalika Teej Vrat Katha और शिव पार्वती व्रत कथा, आरती, पारण मुहूर्त सबकुछ

Hartalika Teej, हरतालिका तीज 2025 व्रत कथा: जानें पूजा विधि, आरती, Hartalika Teej Vrat Katha और शिव पार्वती व्रत कथा, आरती, पारण मुहूर्त सबकुछ

Hartalika Teej 2025 Date Time (हरतालिका तीज व्रत कब है), Teej Vrat katha(तीज व्रत कथा) Puja Shubh Muhurat, Chand Kab Niklega: हिंदू धर्म में कई सारे तीज-त्योहार होते हैं। लेकिन हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन रखने जाने वाला हरतालिका तीज का व्रत खास है। इस दिन शादीशुदा महिलाएं अन्न और जल का त्याग कर, निर्जला व्रत रखती हैं। ये व्रत पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए होता है। हरतालिका तीज का व्रत कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने के लिए करती हैं। इस व्रत के नियम भी काफी कड़े होते हैं। इस साल हरतालिका तीज आज यानी 26 अगस्त, मंगलवार के दिन है। इस दिन की तैयारियां भी हो चुकी हैं। महिलाएं पूजा सामग्री से श्रृंगार सामग्री तक, सारी चीजें खरीद रही हैं। हरतालिका तीज की पूजा का समय कब है और पूजा कैसे करनी है, इन सब जानकारी को आप यहां से ले सकते हैं। यहां पूजा सामग्री लिस्ट (Hartalika Teej Puja Samagri) से लेकर हरतालिका तीज की पूजा विधि (Hartalika Teej Puja Vidhi), सरगी का समय, हरतालिका तीज व्रत कथा (Hartalika Teej Vrat Katha), मंत्र, श्लोक, आरती, हरतालिका तीज पारण समय (Hartalika Teej Parana Time 2025), विधि समेत सारी जानकारी मौजूद है।

यहां से जानें- बिना पंडित, घर पर कैसे करें हरतालिका तीज की पूजा?

पंचांग अनुसार, हरतालिका तीज शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त- 4:27 AM-5:15 AM
अभिजित मुहूर्त- 11:57 AM- 12:48 PM
विजय मुहूर्त- 2:31 PM- 3:23 PM
गोधूलि मुहूर्त- 6:49 PM- 7:11 PM
अमृत काल- 11:30 PM- 1:15 AM
निशिता मुहूर्त- 12:01 AM- 27 अगस्त 12:45 AM

हरतालिका तीज व्रत कथा

हरतालिका तीज पूजा सामग्री लिस्ट

हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त-

हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक है। मतलब आपको पूजा करने के लिए 2 घंटे 35 मिनट मिलेंगे।

हरतालिका तीज की हार्दिक शुभकामनाएं 2025

हरतालिका व्रत पूजन विधि (Hartalika Teej Puja Vidhi)

  • हरतालिका तीज की पूजा सुबह और शाम दोनों समय करनी चाहिए।
  • इस व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की रेत से प्रतिमा बनाई जाती है।
  • फिर पूजा स्थान पर केले के पत्ते को रखकर उसपर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है।
  • इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं को फूल और सुगंध अर्पित किया जाता है।
  • इसके बाद माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की विधि विधान पूजा की जाती है।
  • इस पूजा में महिलाएं सुहाग का एक पिटारा माता को चढ़ाती हैं। जिसमें सुहाग की सभी सामग्री रहती है।
  • इसके साथ ही भगवान शिव को धोती चढ़ाई जाती है।
  • इसके बाद हरितालिका तीज की कथा सुनी जाती है।
  • फिर महिलाएं रात्रि में जागरण करती हैं और फिर अगली सुबह स्नान आदि करने के बाद पूजा करके अपना व्रत खोती हैं।

AUG 26, 2025 13:23 IST

हरतालिका तीज 2025: राहुकाल समय

मंगलवार 26 अगस्त 2025 को हरतालिका तीज पर दोपहर 03 बजकर 36 मिनट से शाम 05 बजकर 13 मिनट तक राहुकाल रहने वाला है। व्रती महिलाएं इस समय पूजा न करें। राहुकाल को पूजा-पाठ के लिए शुभ नहीं माना जाता है।
AUG 26, 2025 12:58 IST

हरतालिका तीज गीत लिरिक्स (Hartalika Teej Geet Lyrics): सात सखीअन...तीज गीत

सात सखीअन मिली तीज पूजे चलली है,
सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
जनम युग बदय अहियात गे माई।
AUG 26, 2025 12:25 IST

हरतालिका तीज पारण मुहूर्त 2025 (Hartalika Teej Parana Time 2025)

साल 2025 में हरतालिका तीज का पारण 27 अगस्त 2025 की सुबह 05 बजकर 57 मिनट के बाद किया जा सकता है।
AUG 26, 2025 12:04 IST

शिव जी की आरती | हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti Lyrics)

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
AUG 26, 2025 11:25 IST

हरतालिका तीज व्रत कथा

पौराणिक कथा अनुसार माता पार्वती ने अपने पिछले जन्म में भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उन्होंने हिमालय पर गंगा के तट पर बाल्यावस्था में ही अधोमुखी होकर कठिन तप किया। अपनी इस तपस्या के दौरान वे सिर्फ सूखे पत्ते चबाकर ही रहीं। अन्न का बिल्कुल भी सेवन नहीं किया। इसके बाद कई वर्षों तक उन्होंने सिर्फ हवा ही ग्रहण कर अपना जीवन गुजारा। जब उनके पिता ने अपनी बेटी की ऐसी दशा देखी तो वे बहुत दुखी हुए।
कुछ समय बाद महर्षि नारद भगवान विष्णु की ओर से पार्वतीजी के लिए विवाह प्रस्ताव लेकर आए। इस विवाह प्रस्ताव को पार्वती जी के पिता ने सहर्ष ही स्वीकार कर लिया। जब माता पार्वती को ये बात पता चली तो वह बहुत दु:खी हुईं और जोर-जोर से रोने लगीं। जब माता पार्वती की सखी को उनके दुख का कारण पता चला तो वे उन्हें घने वन में लेकर चली गईं और फिर वहीं पार्वती जी एक गुफा में जाकर भगवान शिव की आराधना में लग गईं। कहते हैं मां पार्वती के इस तपस्वनी रूप को ही नवरात्रि में शैलपुत्री के नाम से पूजा जाने लगा।
फिर भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में हस्त नक्षत्र के समय माता पार्वती ने रेत से शिवलिंग बनाया और फिर विधि विधान पूजा की साथ ही रात्रि जागरण किया। कहते हैं तब माता पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन देकर उनकी इच्छानुसार अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। तभी से मान्यता है कि इस दिन जो भी महिलाएं विधि-विधानपूर्वक ये व्रत करती हैं, वे अपने मन के अनुरूप पति प्राप्त करतीं हैं।
AUG 26, 2025 10:55 IST

हरतालिका तीज 2025: सबसे उत्तम 3 मुहूर्त


चर मुहूर्त- 9AM-10:46AM
लाभ मुहूर्त- 10:46AM-12:23PM
अमृत मुहूर्त- 12:23PM-1:59PM
AUG 26, 2025 10:36 IST

Hartalika Teej 2025 : हरतालिका तीज

हरतालिका व्रत को हरतालिका तीज या तीजा भी कहते हैं। इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियाँ महादेव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
AUG 26, 2025 10:20 IST

हरतालिका तीज पूजा मंत्र (Hartalika Teej Puja Mantra)

"ओम पार्वत्यै नमः ओम उमाये नमः"
"या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:"
"सिंदूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। शुभदं कामदं चैव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्।।"
शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया। मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम्।।"
AUG 26, 2025 10:10 IST

Hartalika Teej Geet Lyrics: सात सखीअन...तीज गीत

सात सखीअन मिली तीज पूजे चलली है,
सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
जनम युग बदय अहियात गे माई।
AUG 26, 2025 10:00 IST

हरतालिका तीज पर पांच प्रहर का शुभ मुहूर्त

  • प्रथम पूजा मुहूर्त- सुबह 06:05 AM–08:30 AM
  • द्वितीय पूजा मुहूर्त- सुबह 09:30 AM–11:30 AM
  • तृतीया पूजा मुहूर्त- दोपहर 12:10 PM–01:45 PM
  • चतुर्थ मुहूर्त- सूर्यास्त के आसपास: सूर्यास्त करीब 6:35 PM-6:51 PM के बीच
  • पंचम (एकत्रीकरण मुहूर्त)- शाम 08:11 PM–09:37 PM
AUG 26, 2025 09:50 IST

माता पार्वती की आरती | हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti Lyrics)

जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता

जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता

नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता

सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
AUG 26, 2025 09:39 IST

हरतालिका तीज व्रत के नियम (Hartalika Teej Vrat Niyam In Hindi)

  • हरतालिका तीज व्रत का सबसे पहला नियम ये है कि ये व्रत निर्जला रखा जाता है। यानी कि इसमें अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है।
  • अगर एक बार जो स्त्री इस व्रत को शुरू कर देती है तो फिर उसे हर साल इस व्रत को करना होता है। इस व्रत को बीच में छोड़ना अशुभ माना जाता है।
  • हरतालिका तीज व्रत के दिन रात में जागकर भजन-कीर्तन और जागरण करना चाहिए।
  • इस दिन व्रती महिलाओं की मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर उसकी पूजा करनी चाहिए।
  • इस दिन महिलाओं को एक पिटारे में सुहाग की सभी सामग्री माता पार्वती को अर्पित करना चाहिए।
  • पूजा के अगले दिन ही सुहाग सामग्री दान भी कर दी जाती है।
  • हरतालिका तीज व्रत रखने वाली महिलाओं को हाथों पर मेहंदी जरूर लगानी चाहिए।
  • इसके अलावा महिलाओं को तीज की पूजा से पहले 16 श्रृंगार कर अच्छे से तैयार होना चाहिए।
AUG 26, 2025 09:30 IST

Hartalika Teej 2025: शिव-पार्वती फोटो

Hartalika Teej 2025: शिव-पार्वती फोटो
AUG 26, 2025 09:20 IST

हरतालिका तीज 2025 शाम की पूजा का मुहूर्त

06:49 PM से 07:11 PM (समय अवधि लगभग 22 मिनट) यह प्रदोष मुहूर्त कहलाता है, जो शाम की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
AUG 26, 2025 09:10 IST

हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त

हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक है। मतलब आपको पूजा करने के लिए 2 घंटे 35 मिनट मिलेंगे।
AUG 26, 2025 09:00 IST

हरतालिका तीज पूजा सामग्री लिस्ट (Hartalika Teej Puja Samagri List)

शिव-पार्वती और गणेशजी की मूर्ति बनाने के लिए गीली मिट्टी
पूजा के लिए मिट्टी का कलश और ढक्कन
मिट्टी के दीपक
भगवान के वस्त्र
माता पार्वती के श्रृंगार का सामान
घी
शहद
पानी वाला नारियल
मक्का
भस्म
रोली
कलावा
चावल
लौंग
इलायची
सुपारी
जनेऊ
गुलाल
सिंदूर
रूई बत्ती
धूपबत्ती
कपूर
भगवान की मूर्ति स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी
AUG 26, 2025 08:50 IST

शिव जी की आरती | हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti Lyrics)


ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
AUG 26, 2025 08:40 IST

Hartalika Teej Geet: सात सखीअन...हरतालिका तीज गीत लिरिक्स

सात सखीअन मिली तीज पूजे चलली है,
सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
जनम युग बदय अहियात गे माई।
AUG 26, 2025 08:33 IST

घर पर हरतालिका तीज की पूजा कैसे करें? (How To Do Hartalika Teej Puja At Home)

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव-पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • पूजा स्थान को स्वच्छ करें और रंगोली बनाएं।
  • एक लकड़ी के पाटे पर लाल/पीला कपड़ा बिछाएं।
  • उस पर मिट्टी या धातु की शिव-पार्वती की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।
  • एक कलश में जल, सुपारी, आम के पत्ते और नारियल रखें।
  • कलश को देवी शक्ति का प्रतीक मानकर पूजें।
  • शिव-पार्वती की मूर्ति/चित्र को जल से स्नान कराएं, चंदन, अक्षत, पुष्प, वस्त्र, माला अर्पित करें।
  • सिन्दूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी आदि चढ़ाएं।
  • दीपक जलाकर धूप दिखाएं।
  • हरतालिका तीज व्रत कथा सुनें और आरती करें।
AUG 26, 2025 08:25 IST

Hartalika Teej 2025 LIVE: क्या हरतालिका तीज के दिन चांद देखने की मनाही होती है?

हां, मान्यता है कि हरतालिका तीज के दिन चाँद देखने से व्रत का फल कम हो सकता है या उसमें दोष लग सकता है। ये बिल्कुल वैसा ही है जैसे गणेश चतुर्थी पर भी चंद्र दर्शन वर्जित माना जाता है।