Hanuman Ji Bhajan Lyrics: हनुमान जयंती का पर्व इस साल 23 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन हनुमान भक्त हनुमान जी की विधिवत पूजा की जाती है। हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर संकटमोचन हनुमान की उपासना करना शुभ होता है। इस दिन हनुमान जी के भक्त हनुमान जी का भजन कीर्तन करते हैं। इस दिन प्रभु राम की भी पूजा करना लाभकारी होता है। इस दिन हनुमान जी के प्यारे- प्यारे भजन गाए जाते हैं। आज हम आपके लिए यहां लेकर आएं हैं हनुमान जी के सुपरहिट भजन। यहां देखें लिरिक्स।
Hanuman Ji Bhajan Lyrics (हनुमान भजन लिरिक्स)
हनुमान जी कभी मेरे घर भी पधारो लिरिक्स
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो,बुद्धि विवेक की बारिश करके,
बुद्धि विवेक की बारिश करके,
मेरा भी जीवन तारो,
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों।।
तुम बलशाली हो ग्रन्थ के ज्ञाता,
तुम बिन कोई भी पार ना पाता,
तेरी महिमा गाके हनुमत,
तेरी महिमा गाके हनुमत,
तर गए लाख हजारो,
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों।।
सादर सेवा की भाव जगी है,
तेरे दर्श की आस लगी है,
हम है तुम्हरे भक्त वो हनुमत,
हम है तुम्हरे भक्त वो हनुमत,
ऐसे ना हमको बिसारो,
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों।।
भक्त परदेसी के तुम हितकारी,
गावे ‘निरंजन’ महिमा तुम्हारी,
जीवन नैया बिच भंवर में,
जीवन नैया बिच भंवर में,
आके पार उतारो,
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों........
हनुमान तुम्हारा क्या कहना लिरिक्स
कलयुग मे सिद्ध हो देव तुम्ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलयुग मे सिद्ध हो देव तुम्ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना ।
तेरी शक्ति का क्या कहना, तेरी भक्ति का क्या कहन..
सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समुन्दर पार गये।
लंका को किया श्मशान प्रभु, बलवान तुम्हारा क्या कहना।
तेरी शक्ति का क्या कहना, तेरी भक्ति का क्या कहना..
जब लखनलाल को शक्ति लगी तुम घोलगिर पर्वत लाये,
लक्ष्मण के बचाये आ कर के तब प्राण तुम्हारा क्या कहना।
तेरी शक्ति का क्या कहना, तेरी भक्ति का क्या कहना..
तुम भक्त शिरोमणि हो जग मे तुम वीर शिरोमणि हो जग मे,
तेरे रोम रोम मे बसते हैं सियाराम तुम्हारा क्या कहना..
वीरों में महावीर तुम्ही हो लिरिक्स
वीरों में महावीर तुम्ही हो,
अजर अमर रणधीर तुम्ही हो,
ये दुनिया जानती है,
ये दुनिया जानती है,
जय बजरंगी, जय बजरंगी,
जय बजरंगी, जय बजरंगी.......
बचपन में सूरज खा डाला,
दूर हुआ जग से उजियारा,
इन्द्र ने तुझ पर वज्र चलाया,
सूरज को तुमसे छुड़वाया,
फिर देवो ने तुमको मनाया,
कोई तुमसे पार ना पाया,
बड़े बड़े विरो को पछाड़ा,
आसमान था तेरा अखाडा,
पवन वेग से जब तुम आए,
राहु शनि तुमसे घबराए,
मारुती नंदन केसरी नंदन,
मारुती नंदन केसरी नंदन,
संकट मोचन हो भय भंजन,
ये दुनिया जानती है,
ये दुनिया जानती है.......
रामचंद्र के काज बनाए,
दाएँ भुजा सब भक्त उबारे,
बाएँ भुजा सब दुष्ट संहारे,
लखन को शक्ति बाण लगा था,
राम थे व्याकुल दुःख का समां था,
जा धौलागिरी पर्वत लाए,
लाके संजीवन लखन बचाए,
पवन वेग से तुम थे भागे,
मन में थे श्री राम विराजे,
राम की जय जयकार लगाकर,
राम की जय जयकार लगाकर,
अक्षय को मारा पटक पटक कर,
ये दुनिया जानती है,
ये दुनिया जानती है......
सीना फाड़ दिखाने वाले,
राम नाम गुण गाने वाले,
बलबुद्धि के देने वाले,
भक्तो के हो तुम रखवाले,
भुत प्रेत तेरे नाम से भागे,
राम भगत में सबसे आगे,
‘केसर’ ‘लख्खा’ शीश झुकाते,
कर दो कृपा तो किस्मत जागे,
भक्त हो भक्त विधाता तुम हो,
बल बुद्धि के दाता हो तुम,
हो शिव शंकर के अवतारी,
हो शिव शंकर के अवतारी,
बालयति और हो ब्रम्हचारी,
ये दुनिया जानती है,
ये दुनिया जानती है......
श्री पंचमुखी हनुमान बिरद के बंका लिरिक्स
श्री पंचमुखी हनुमान, बिरद के बंका, शब्द के सांचा।
जहां आप खड़े महाराज, असुर दल काँपा।।
क्या समन्दर का गर्व करे, ज्यान कर जाऊं फंका।
म्हारे धणी का हुकम नहीं, थारी ले ज्यातो लंका।।
श्री पंचमुखी हनुमान…
सागर ऊपर शिला तिरायी, करया बहुत हंका।
मंदोदरी का महल उजाड़्या, मद् मारया रावण का।।
श्री पंचमुखी हनुमान…
राम-लक्ष्मण की जोत विराजे, तुम अगवानी हर का।
मायारूपी जोत स्वरूपी, नाम बड़ा हनुमत का।।
श्री पंचमुखी हनुमान…
धन-धन थारी भगती करे, ज्याने दर्शन पावे नित का।
सबके ह्रदय आप विराजे, दुख मेटे जन-जन का।।
श्री पंचमुखी हनुमान..
