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Govardhan Puja 56 Bhog List: गोवर्धन पूजा के 56 भोग में क्या-क्या चीजें आती हैं, जानिए कब शुरू हुई ये परंपरा

Govardhan Puja 56 Bhog List: गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाने की खास पंरपरा निभाई जाती है। चलिए आपको बताते हैं कहां से शुरू हुई ये परंपरा और 56 भोग में क्या-क्या चीजें शामिल होती हैं।

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Govardhan Puja 56 Bhog List

Govardhan Puja 56 Bhog List (गोवर्धन पूजा 56 भोग): गोवर्धन पूजा का त्योहार इस साल 2 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से भगवान कृष्ण और गोवर्धन महाराज की पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन श्री कृष्ण को कई जगह 56 भोग अर्पित किया जाता है। मान्यताओं अनुसार छप्पन भोग से कृष्ण जी जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। चलिए आपको बताते हैं गोवर्धन पूजा वाले दिन कैसे शुरू हुई 56 भोग लगाने की परंपरा और छप्पन भोग की सामग्री लिस्ट क्या है।

गोवर्धन पूजा 56 भोग लिस्ट (Govardhan Puja 56 Bhog List)

पंजीरीमोहनभोगशक्कर पाराआलूबुखारापापड़शहदशिकंजी
माखन-मिश्रीमूंग दाल हलवामठरीकिशमिशखिचड़ीसफेद-मक्खनचना
खीरघेवरचटनीपकौड़ेबैंगन की सब्जीताजी क्रीममीठे चावल
रसगुल्लापेड़ामुरब्बासागदूधी की सब्जीकचौरीभुजिया
जलेबीकाजू-बादाम बर्फीआमदहीपूड़ीरोटीसुपारी
रबड़ीपिस्ता बर्फीकेलाचावलटिक्कीनारियल पानीसौंफ
जीरा-लड्डू,पंचामृतअंगूरकढ़ीदलियाबादाम का दूधपान
मालपुआगोघृतसेबचीलादेसी घीछाछमेवा

गोवर्धन पूजा में भगवान कृष्ण को क्यों लगाया जाता है 56 भोग (Govardhan Puja 56 Bhog Mahatva)

गोवर्धन पूजा के दिन भगवान श्रीकृष्ण को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाने का विशेष महत्व होता है। 56 भोग से जुड़ी एक दिलचस्प कथा भी है। जिसके अनुसार, माता यशोदा अपने अपने पुत्र कृष्ण जी को आठ पहर भोजन कराती थीं। एक समय इंद्र के प्रकोप से ब्रज के लोगों को बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत अपनी उंगली पर उठाया था। कहते हैं इस दौरान श्रीकृष्ण ने सात दिनों तक अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया था। तब अपनी भक्ति और प्रेम से सभी ब्रजवासियों और माता यशोदा ने मिलकर बाल गोपाल के लिए 56 व्यंजन भोग में लगाए। क्योंकि माता यशोदा कृष्ण जी को आठ पहर भोजन कराती थी तो 7 दिन के हिसाब से 7X8 = 56 व्यंजन बनाए गए। कहते हैं तभी से यह परंपरा चल पड़ी और इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाया जाने लगा। इस भोग में मीठा, खट्टा, नमकीन, अम्लीय, कड़वा और कसैला हर प्रकार का स्वाद शामिल किया जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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