Gemstone Tips: ग्रह बाधाओं को दूर करने और अपना उन्नति का शिखर प्राप्त करने के लिए व्यक्ति रत्नों का प्रयोग प्राचीन काल से करता आ रहा है। इसका पता पौराणिक ग्रंथों में बहुधा देखने को मिलता है। इन सबको करने के बाद भी यदि मनुष्य दुखी है तो इसका मतलब आप शायद यह समझेंगे कि यह सब प्रभावशाली नहीं है लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है। इसका मतलब है कि सफलता पाने के लिए या तो प्रयोग लगन से नहीं हुआ है या वह नकली नग धारण किये हुए हैं। वह रत्न दोषपूर्ण है और विधिवत धारण नहीं किया गया है। यहां आपको हम बताने जा रहे हैं कन्या और तुला राशि का रत्न कौन सा है। उस रत्न का प्रभाव और धारण करने की विधि क्या है।
कन्या राशि के लिए पन्ना है शुभ
कन्या राशि को अंग्रेजी में वर्गो कहते हैं। इस राशि वाले व्यक्ति भाषण कला में निपुण होते हैं। कन्या राशि वाले व्यक्तियों की मुख्य विशेषता उनका मेहनती, बुद्धिमान और विद्याव्यसनी होना है। यह विपरीत परिस्थितियों को भी अपने अनुकूल बनाने की क्षमता से निपुण होते हैं। कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह है और बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व पन्ना रत्न करता है इसलिए कन्या राशि वालों को पन्ना धारण करना चाहिए या फिर हरा ओनेक्स, हरा मरगज, फिरोजा या हरा हकीक उपरत्न पहन सकते हैं। पन्ना सदैव ही कम से कम सवा पांच रत्ती का धारण करना चाहिए। पन्ना साेने, चांदी या प्लेटिनम की अंगूठी में जड़वाना चाहिए। पन्ने को बुधवार के दिन कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करके सुबह 11 बजे तक अपने इष्टदेव के चरणाें से स्पर्श कराकर धारण करें।
तुला राशि को शुभ फल देता है हीरा
तुला राशि को अंग्रेजी में लीब्रा कहते हैं। तुला राशि वाले व्यक्ति अनुशासित, न्यायप्रिय, विचारवान, दयालु तथा मिलनसार होने के साथ− साथ कुशल राजनीतिज्ञ तथा ज्ञानी होते हैं। तुला राशि का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व हीरा करता है, अतः तुला राशि वालों को हीरा धारण करना चाहिए। ओपल, स्फटिक या सफेद हकीक उपरत्न को धारण करने चाहिए। हीरा कम से कम दस सेंट का धारण करना चाहिए। हीरा जितने ज्यादा वजन का होगा उतना ही शुभ होगा। हीरे को सोने या चांदी की अंगूठी में जड़वा कर शुक्रवार के दिन अनामिका उंगली में पहनना चाहिए। लेकिन ध्यान रखें कि हीरा धारण करने से पूर्व इसे कच्चे दूध और गंगाजल में धाेकर इष्टदेव के चरणाें से स्पर्श करना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
