Kinnar ke Upay: हिन्दू धर्म और ज्योतिष शास्त्रों में कुंडली को बहुत महत्व दिया गया है। कुंडली में स्थित नवग्रहों का प्रभाव लोगों के जीवन पर पड़ता है। इन नवग्रहों में बुध ग्रह का जीवन पर खास प्रभाव पड़ता है। बुध को ग्रहों का युवराज कहा जाता है। इस ग्रह के प्रभाव से बुद्धि और धन-संपदा का विकास होता है। बुध ग्रह की आराधना कर प्रसन्न करने के लिए बुधवार का दिन समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस जातक की कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में होते हैं, वो पैसों की तंगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त रहते हैं। बुध ग्रह को मजबूत करने और इनके शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए ज्योतिष में कई उपाय बताए गए हैं। इनमें से ही एक बुधवार के दिन किन्नरों का आशीर्वाद लेन और इनको दान देने से जुड़ा है।
दरअसल, किन्नरों का संबंध बुध ग्रह से है। किन्नरों को बुध ग्रह का प्रतीक माना गया है। बुधवार के दिन किन्नरों को दान देना विशेष लाभकारी माना जाता है। बुधवार के दिन किन्नरों को कुछ विशेष चीजों का दान करने से जहां बुधदेव प्रसन्न होते हैं, वहीं कुछ चीजों का दान करना नुकसानदायक हो सकता है। दान के इस उपाय का असर व्यापार, नौकरी, शिक्षा और बुद्धि को प्रभावित करता है।
जानें, किन्नरों को किन चीजों का करें दान और किसी चीज का नहीं
किन्नर जब भी आपके घर आएं तो उन्हें सामार्थ्यनुसार जरूर दान करें, लेकिन बुधवार के दिन दान करते समय आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ेगी। इस दिन आप आप किन्नरों को रुपये-पैसे से लेकर चावल, कपड़े, ढोलक, फल, तांबा या पीतल के बर्तन दान कर सकते हैं, लेकिन बुधवार के दिन किन्नरों को भूलकर भी स्टील के बर्तन, तेल, प्लास्टिक का सामान, झाड़ू, पुराने कपड़े का दान नहीं करना चाहिए। इन चीजों का दान करने से घर की बरकत चली जाती है और आपको पैसों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
समझ लीजिए आपकी लॉटरी लग गई
बुधवार के दिन अगर आपके द्वारा दिए गए दान में से किन्नर आपको एक रुपये भी निकालकर वापस लौटा दें तो समझ लीजिए कि आपकी लॉटरी लग गई। आप उस सिक्के को एक साफ हरे कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख लें। इससे आपकी धन संबंधित परेशानियां अपने आप दूर होंने लगेगी और आर्थिक तरक्की मिलेगी। किन्न द्वारा दिया गया धन बहुत ही शुभ माना जाता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
