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Diwali 2022 Puja Vidhi: दिवाली पूजा की स्टेप बाय स्टेप संपूर्ण विधि सिर्फ यहां

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  • Updated Oct 24, 2022, 05:46 PM IST

Diwali Puja Vidhi In Hindi: दिवाली पूजा कैसे करें इस चीज को लेकर हैं परेशान? तो यहां जानें लक्ष्मी पूजा की पूरी विधि विस्तार से।

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दिवाली लक्ष्मी पूजा विधि

Diwali Puja Vidhi: दीपावली बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर रोशनी की जीत का पर्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान श्रीराम लंकापति रावण को परास्त कर अपने घर अयोध्या वापस लौटे थे। उनके आगमन की खुशी में अयोध्या के लोगों ने दीप जलाकर दिवाली मनाई थी। ये पर्व हर साल कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्री राम भगवान, माता सीता, लक्ष्मण जी, हनुमान जी, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां काली और भगवान गणेश की पूजा होती है। लेकिन इस दिन मुख्य रूप से मां लक्ष्मी की पूजा होती है। जानिए लक्ष्मी पूजा की पूरी विधि विस्तार से यहां।

Diwali 2022 Puja Vidhi

  • दिवाली के दिन घर को सजाएं और शाम के समय मुख्य द्वार पर रंगोली बना लें।
  • दिवाली पूजा शाम के समय प्रदोष काल में की जाती है।
  • पूजा के लिए एक चौकी पर माता लक्ष्‍मी और भगवान गणेश जी की मूर्तियां रख लें।
  • मूर्ति इस तरह रखें क‍ि लक्ष्‍मी जी के बायीं ओर गणेश जी रहें और उनका मुख पूर्व द‍िशा की ओर रहे।
  • प्रतिमा के समक्ष चावल के ढेर पर कलश की स्‍थापना करें।
  • कलश पर एक नार‍ियल लाल वस्‍त्र में लपेटकर इस तरह से रखें क‍ि उसका केवल आगे का भाग ही द‍िखाई दे।
  • दो बड़े दीपक लें एक में घी और दूसरे में तेल भरकर रखें।
  • एक दीपक को मूर्तियों के चरणों में और दूसरे को चौकी की दाई तरफ रख दें।
  • चौकी पर ही गणेशजी के सामने एक छोटा सा घी का दीपक रखें।
  • इसके बाद जल, मौली, धूपबत्‍ती, गुड़, फूल, अबीर, चंदन, गुलाल, चावल, नैवेद्य आद‍ि लेकर सबसे पहले पव‍ित्रीकरण करें।
  • फिर सभी दीपकों को जलाकर उन्‍हें नमस्‍कार करें।
  • अब अपने हाथ में फूल और चावल लेकर मां लक्ष्मी और श्री गणेश का ध्यान करें। ध्यान के बाद भगवान श्रीगणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा पर अक्षत यानी साबुत चावल अर्पित करें।
  • अब दोनों प्रतिमाओं को चौकी से उठाएं और एक थाली में रखें और दूध, दही, शहद, तुलसी और गंगाजल के मिश्रण से उन्हें स्नान कराएं।
  • इसके बाद स्वच्छ जल से स्नान कराकर मूर्तियां वापस चौकी पर स्थापित कर दें।
  • स्नान कराने के बाद लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा को तिलक लगाएं।
  • उन्हें फूलों की माला पहनाएं।
  • साथ ही भगवान कुबेर, माता सरस्वती का भी ध्यान करें।
  • फिर लक्ष्मी-गणेश जी के सामने बताशे, खिलौने, खील, मिठाइयां, फल, पैसे और सोने या चांदी के आभूषण के साथ धनतेरस पर खरीदे गए बर्तन भी रखें।
  • मां लक्ष्मी के इस मंत्र का जाप करें- ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
  • कुबेर जी के इस मंत्र का जाप करें-ऊं यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं में देहि दापय स्वाहा।
  • फिर गणेशजी, लक्ष्‍मीजी व अन्‍य देवी-देवताओं का व‍िध‍िवत् षोडशोपचार पूजन करें।
  • श्रीसूक्‍त, लक्ष्‍मी सूक्‍त का पाठ करें।
  • इसके अलावा बही खातों की पूजा करें।
  • फिर पूरा परिवार मिलकर दिवाली की कथा सुनें और मां लक्ष्मी और गणेश जी की आरती उतारें।
  • तेल के अनेक दीपक जलाकर घर के हर कमरे, आंगन और गैलरी में रख दें। ताकि क‍िसी जगह पर अंधेरा न रह जाए।
  • बनाए गए पकवान और खीर आद‍ि का भगवान को भोग लगाएं।

दिवाली 2022 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 24 अक्टूबर को प्रदोष काल 05:43 PM से 08:16 PM तक रहेगा। पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 06:53 PM से 08:16 PM तक है। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 24 अक्टूबर को 05:27 PM से और समाप्ति 25 अक्टूबर को 04:18 PM पर।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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