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DevUthani Ekadashi Puja Samagri: आज देव जगाने में इन सामग्री की पड़ेगी जरूरत, यहां से नोट करें देवउठनी एकादशी की पूजा सामग्री लिस्ट

DevUthani Ekadashi Puja Samagri (देवउठनी एकादशी पूजा सामग्री लिस्ट): आज यानी 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी। इस खास दिन पर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। इस पूजा में कई तरह के सामान भी लगते हैं। यहां से आप देवउठनी एकादशी की पूजा सामग्री लिस्ट देख सकते हैं।

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देवउठनी एकादशी पूजा सामग्री (pic credit: pinterest)

DevUthani Ekadashi Puja Samagri (देवउठनी एकादशी पूजा सामग्री लिस्ट): देव उठनी एकादशी को साल की सबसे बड़ी एकादशी कहते हैं। ये खास दिन हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही होता है। इस एकादशी को देवुत्थान एकादशी और प्रबोधिनी एकादशी नाम से भी जानते हैं। आज वही खास दिन है। कहते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और सभी शुभ कार्यों की शुरुआत इसी दिन से होती है। यहां से आप देवउठनी एकादशी की पूजा सामग्री जान सकते हैं। यहां से आप देवउठनी एकादशी की पूजा में लगने वाले सामान की पूरी लिस्ट देखें।

देवउठनी एकादशी पूजा सामग्री (DevUthani Ekadashi Puja Samagri)

  • भगवान विष्णु की प्रतिमा
  • तुलसी का पौधा
  • गन्ना
  • बेर
  • सीताफल
  • अमरूद
  • मौसमी फल
  • दो चौकी
  • मूली
  • बेर
  • शकरकंद
  • पान-सुपारी
  • चंदन
  • पीले रंग के फूल, मिठाई और केला
  • बिल्व पत्र
  • सिंघाड़ा
  • लाल चुनरी
  • साड़ी या लाल लहंगा तुलसी माता केे लिए
  • भगवान के वस्त्र
  • सुहाग का सामान
  • हल्दी
  • धूप
  • दीप

देवउठनी एकादशी पूजा विधि (Dev Uthani Ekadashi Puja Vidhi)-

देवउठनी एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठें और स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल पर जाकर व्रत का संकल्प लें। फिर सूर्यदेव को जल अर्पित करें। इसके बाद शाम के समय भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। इस दिन भगवान को पीले रंग का फल, बेसन के लड्डू और केसर मिश्रित खीर का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा के समय विष्णु चालीसा का पाठ करें। इस दिन सूर्यास्त के बाद पूजा करते समय भगवान को शंख, घंटा-घड़ियाल आदि बजाकर उठाया जाता है और साथ में देव उठाने का गीत गाया जाता है। उठो देवा, बैठा देवा, आंगुरिया चटकाओ देवा, नई सूत, नई कपास, देव उठाये कार्तिक मास... देवों को उठाने के बाद विष्णु भगवान की आरती करें। पूरी रात भगवान विष्णु का भजन करें। अगले दिन मुहूर्त में व्रत पारण करें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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