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Dev Uthani Ekadashi 2025 Puja Shubh Muhurat: आज कितने बजे तक होगी देवउठनी एकादशी की पूजा, नोट करें एकादशी की पूजा का समय

Dev Uthani Ekadashi Puja Muhurat (देवउठनी एकादशी पूजा शुभ मुहूर्त) Dev kitne Baje Uthaane Hai Timing, Aarti, Mantra in Hindi: आज देशभर में देवउठनी एकादशी मनाई जा रही है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। यहां से आप जान सकते हैं कि आज कितने बजे एकादशी की पूजा की जानी है।

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देवउठनी एकादशी 2025 पूजा मुहूर्त (pic credit: canva)

Dev Uthani Ekadashi 2025 Puja Shubh Muhurat (देवउठनी एकादशी पूजा शुभ मुहूर्त): देव उठनी एकादशी का व्रत कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है। एकादशी तिथि का मान शुक्रवार को रात और शनिवार की सुबह 04:02 से प्रारंभ होकर शनिवार की रात्रि 02:57 पर समाप्त हो रही है। अतः 1 नवम्बर दिन शनिवार को सूर्योदय से लेकर रात्रि 2:57 तक एकादशी तिथि व्याप्त है इसलिए निर्विवाद रूप से 1 नवम्बर दिन शनिवार को ही एकादशी व्रत सभी के लिए मान्य होगा। 2 नवंबर को एकादशी तिथि है ही नहीं क्योंकि एकादशी 1 की रात्रि में ही समाप्त हो जा रही है।

देव उठनी एकादशी 2025 पूजा मुहूर्त (Dev Uthani Ekadashi 2025 Puja Muhurat)-

देव उठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर 2025 को रखा जाएगा। इस दिन पूजा के दो शुभ मुहूर्त हैं। पहला मुहूर्त सुबह 11 बजकर 42 मिनट से लेकर 12 बजकर 27 मिनट तक है। और दूसरा मुहूर्त शाम 5 बजकर 36 मिनट से 6 बजकर 2 मिनट तक है। ऐसे में इस मुहूर्त में विष्णु जी की पूजा करना शुभ होगा।

  • अभिजीत मुहूर्त- 11:42AM-12:27PM
  • गोधूली मुहूर्त- 05:36PM-06:02PM
  • प्रदोष काल- 05:36PM

देव उठनी एकादशी के दिन सूर्योदय और सूर्यास्त का समय-

  • सूर्योदय- 6:06 AM
  • सूर्यास्त- 5:18 PM
  • चंद्रोदय- 2:24 PM
  • चन्द्रास्त- 1:23 AM

देव उठनी एकादशी 2025 के शुभ मुहूर्त-

  • अभिजित मुहूर्त- 11:20 AM से 12:04 PM
  • गुलिक काल- 6:06 AM से 7:30 AM

देव उठनी एकादशी 2025 के अशुभ मुहूर्त-

  • राहुकाल- 8:54 AM से 10:18 AM
  • यमघण्टकाल- 1:06 PM से 2:30 PM

देव उठनी एकादशी पूजा विधि-

देव उठनी एकादशी के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनें और साफ चौकी पर विष्णु जी की प्रतिमा को स्थापित करें। इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल, अक्षत, चंदन और तुलसी अर्पित करें। इस दिन भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं और विधिवत पूजा करें। अंत में देव उठनी एकादशी की कथा का पाठ करें और भगवान विष्णु के साथ- साथ माता लक्ष्मी जी की आरती करें और भोग लगाएं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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