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December Sankranti 2024: कब है दिसंबर महीने की संक्रांति, यहां जानिए तिथि, पूजा शुभ मुहूर्त और महत्व

December Sankranti 2024: सनातन धर्म में हर मास की संक्रांति तिथि को बहुत ही खास माना जाता है। संक्रांति तिथि के दिन सूर्य ग्रह अपनी राशि परिवर्तित करते हैं। आइए जानते हैं कि दिसंबर के महीने में संक्रांति तिथि कब है।

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December Sankranti 2024

December Sankranti 2024 (दिसंबर संक्रांति 2024): वैदिक पंचांग के अनुसार जिस तिथि पर ग्रहों के राजा सूर्य देव अपनी राशि बदलते हैं, वही संक्रांति तिथि कहलाती है। हर महीने की संक्रांति तिथि के दिन सूर्य ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं, इसलिए हर मास की संक्रांति तिथि अपने आप में खास होती है। दिसंबर के महीने में सूर्य ग्रह वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करते हैं। इस कारण ये धनु संक्रांति कहलाएगी। धनु संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं कि दिसंबर के महीने में कब है संक्रांति तिथि।

December Sankranti 2024 (दिसंबर संक्रांति 2024)

पंचांग के अनुसार इस साल दिसंबर मास की धनु संक्रांति 15 दिसंबर 2024 को पड़ रही है। इस दिन सूर्य ग्रह रात 10 बजकर 19 मिनट वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। धनु संक्रांति का स्नान और दान भी 15 दिसंबर 2024 को ही किया जाएगा।

December Sankranti 2024 Snan Daan Muhurat (दिसंबर संक्रांति स्नान दान मुहूर्त 2024)

हिंदू पंचांग के हिसाब से दिसंबर की संक्रांति 15 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन स्नान दान का मुहूर्त शाम 3 बजकर 43 मिनट से शुरू होगा और 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। इस दिन महापुण्य काल का समय दोपहर 3 बजकर 43 मिनट से शाम 5 बजकर 26 मिनट तक रहने वाला है।

December Sankranti 2024 Surya Puja Muhurat (धनु संक्रांति सूर्य पूजा मुहूर्त)

धनु संक्रांति के दिन भगवान सूर्य देवता की पूजा करने के लिए सुबह 5 बजकर16 मिनट से सुबह6 बजकर 36 मिनट तक का समय शुभ रहने वाला है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 32 मिनट से दोपहर 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।

December Sankranti Mahatav (धनु संक्रांति महत्व)

हिंदू धर्म में संक्रांति तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। दिसंबर महीने की संक्रांति धनु संक्रांति कहलाती है। जिस दिन सूर्य ग्रह वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में गोचर करते हैं वो धनु संक्रांति होती है। धनु संक्रांति के दिन सूर्य देवता की पूजा करनी चाहिए और गंगा स्नान, दान करना चाहिए। धनु संक्रांति के दिन से ही शाीतकाल की भी शुरुआत हो जाती है। इसी दिन से खरमास की शुरुआत होती है। खरमास के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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