Daily Horoscope: 16 अक्टूबर 2025 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि सुबह 10:35 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। अश्लेषा नक्षत्र दोपहर 12:42 बजे तक रहेगा, फिर मघा नक्षत्र लगेगा। शुभ योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा। करण में विष्टि सुबह 10:35 तक, फिर बव करण रात 10:49 तक, और इसके बाद बालव करण शुरू होगा।
ग्रहों की स्थिति में चंद्रमा दोपहर 12:42 तक कर्क राशि में रहेगा, फिर सिंह राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य और शुक्र कन्या में, बुध और मंगल तुला में, केतु सिंह में, बृहस्पति मिथुन में, शनि मीन में, और राहु कुंभ में रहेंगे। चंद्रमा का सिंह में गोचर और मघा नक्षत्र का प्रभाव कुछ राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा लाएगा, लेकिन अश्लेषा नक्षत्र और विष्टि करण की शुरुआत कुछ राशियों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकती है। शुक्र कन्या में कमजोर होने से रिश्तों और वित्त में सावधानी जरूरी है। शनि और राहु की स्थिति स्वास्थ्य और निर्णयों में बाधाएं ला सकती है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा नहीं रहेगा और दिन को अच्छा बनाने के लिए क्या उपाय करें?
कन्या राशि
16 अक्टूबर को कन्या वालों के लिए दिन सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहेगा। सूर्य और शुक्र आपकी राशि में हैं, लेकिन शुक्र की कमजोर स्थिति रिश्तों में गलतफहमियां या तनाव पैदा कर सकती है। फालतू खर्च, खासकर लग्जरी या गैर-जरूरी चीजों पर, वित्तीय संतुलन बिगाड़ सकता है। प्रॉपर्टी से जुड़े मामले परेशान कर सकते हैं। चंद्रमा का दोपहर तक कर्क में रहना और अश्लेषा नक्षत्र इमोशनल स्ट्रेस बढ़ा सकता है। स्वास्थ्य में थकान या पेट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।
उपाय: मां लक्ष्मी को कमल का फूल चढ़ाएं और 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र 21 बार जपें। इससे रिश्तों और वित्त में स्थिरता आएगी।
तुला राशि
तुला वालों के लिए दिन मिश्रित और चुनौतीपूर्ण रहेगा। बुध और मंगल आपकी राशि में हैं, जो ऊर्जा तो देता है, लेकिन विष्टि करण और अश्लेषा नक्षत्र की वजह से जल्दबाजी में गलत निर्णय हो सकते हैं। ऑफिस या घर में बहस की स्थिति बन सकती है। यात्रा योजनाओं में रुकावट या कन्फ्यूजन हो सकता है। स्वास्थ्य में नींद की कमी या बेचैनी परेशान कर सकती है। चंद्रमा का सिंह में गोचर दोपहर बाद मानसिक तनाव कम करेगा, लेकिन सावधानी जरूरी है।
उपाय: भगवान हनुमान को सिन्दूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र 21 बार जपें। इससे मंगल शांत होगा और तनाव कम होगा।
कुंभ राशि
कुंभ में राहु की मौजूदगी दिन को मुश्किल बनाएगी। अश्लेषा नक्षत्र और विष्टि करण के प्रभाव से कार्यों में देरी या गलतियां हो सकती हैं। प्रॉपर्टी या निवेश से जुड़े फैसले लेने में रुकावट आ सकती है। ऑफिस में मीटिंग्स या सहकर्मियों के साथ कन्फ्यूजन हो सकता है। खर्चा आय से ज्यादा होने से फाइनेंशियल स्ट्रेस बढ़ेगा। स्वास्थ्य में जोड़ों का दर्द या तनाव संभव है।
उपाय: शनि मंदिर में तिल के तेल का दीपक जलाएं और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र 21 बार जपें। इससे धैर्य बढ़ेगा और गलतियां कम होंगी।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
