Christmas Day History, Origin, Facts in Hindi (क्रिसमस क्यों मनाते हैं): क्रिसमस एक ऐसा खास त्योहार है जिसे ईसाई धर्म के साथ ही अन्य धर्म के लोग भी बड़े ही उत्साह और जोश के साथ मनाते हैं। ईसाई धर्म की मान्यताओं अनुसार ये वही दिन है जब ईसा मसीह का जन्म हुआ था। इसलिए इस खास दिन पर ईसाई लोग इकट्ठा होकर प्रभु यीशु की अराधना करते हैं और साथ में क्रिसमस कैरेल गाते हैं। इसके बाद लोग एक-दूसरे को मेरी क्रिसमस कहकर इस पर्व की शुभकामनाएं देते हैं। चलिए आपको बताते हैं क्रिसमस का त्योहार कब से मनाया जा रहा है और इसका इतिहास क्या है।
क्रिसमस डे का इतिहास (Christmas Day History In Hindi)
क्रिसमस पर्व के इतिहास को लेकर कई इतिहास-कारों के अलग-अलग मत हैं। कुछ इतिहासकारों अनुसार यह त्यौहार यीशु के जन्म के बाद मनाया जाना शुरू हुआ तो कुछ ऐसा मानते हैं कि इस पर्व को यीशु के जन्म के पहले से ही मनाया जाता आ रहा है। उनका ऐसा मानना है कि ये पर्व रोमन त्यौहार सैंचुनेलिया का ही एक नया रूप है। ऐसा कहा जाता है कि सैंचुनेलिया रोमन देवता है। कहते हैं बाद में जब ईसाई धर्म की स्थापना हुई तो लोग यीशु को अपना ईश्वर मानकर सैंचुनेलिया पर्व को ही क्रिसमस डे के रूप में मनाने लगे थे।
25 दिसंबर को ही क्यों मनाते हैं क्रिसमस? (Why We Celebrate Christmas on 25 December In Hindi)
जानकारी अनुसार क्रिसमस का त्योहार लोग सन 98 से ही मनाते आ रहे हैं। लेकिन सन 137 में रोमन बिशप ने इस त्योहार को मनाने की आधिकारिक रूप से घोषणा की थी। हालांकि उस समय इस पर्व को मनाने का कोई निश्चित दिन तय नहीं किया गया था लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार, सम्राट कॉन्स्टेंटाइन के अधीन, रोम में चर्च ने 336 में 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाना शुरू किया। मुख्य रूप से 25 दिसंबर को प्रभु यीशु के जन्म से ही जोड़कर देखा जाता है।
कैसे मनाते हैं क्रिसमस? (How To Celebrate Christmas)
क्रिसमस ईसाई धर्म के लोगों का सबसे बड़ा त्योहार है इसलिए इसकी तैयारियां कुछ दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। इस दिन ईसा मसीह के जन्मोत्सव की खुशी में गिरिजाघरों में विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं और जगह-जगह प्रभु यीशु की झांकियां प्रस्तुत की जाती हैं। इस दिन लोग अपने घर में क्रिसमस ट्री सजाते हैं। तो वहीं इस दिन बच्चों को सेंटा क्लॉज़ का बेसब्री से इंतजार रहता है।
