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Chhath Puja At Home In Hindi: आस-पास नहीं है कोई नदी या घाट, तो घर पर ऐसे करें छठ पूजा, नहीं लगेगा कोई दोष

Chhath Puja At Home In Hindi (छठ पूजा घर पर कैसे करें): छठ पूजा घाट या नदी पर जाकर की जाती है। इस दौरान व्रती पानी में खड़े रहकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। लेकिन अगर आपके आस-पास नदी या घाट नहीं है तो ऐसे में छठ पूजा कैसे करेंगे? इस बारे में यहां आप जानेंगे।

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Chhath Puja At Home In Hindi

Chhath Puja At Home In Hindi (छठ पूजा घर पर कैसे करें): छठ पूजा अमूमन लोग घाट पर जाकर करते हैं। लेकिन शहरों में रहने वाली कई महिलाओं को आस-पास नदी या घाट न हो पाने के कारण छठ पर्व मनाने में दिक्कत होती है। कई बार किसी अन्य कारण से भी घाट पर जाकर पूजा कर पाना संभव नहीं हो पाता। तो ऐसे में क्या कर सकते हैं? इस बारे में हम आपको बताएंगे। जानिए घर पर छठ पूजा कैसे करें और सूर्य को अर्घ्य किस तरह से दें।

घर पर छठ पूजा कैसे करें? (Ghar par chhath puja kaise kare)

घर पर छठ पूजा आप अपने आंगन या फिर छत पर कर सकते हैं। सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए आप छत पर ही छोटे बच्चों के स्वीमिंग पूल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके लिए पूल में पानी भर लें और उसमें खड़े होकर आप सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें। इस विधि से आप बिना घाट पर जाए ही अपनी छठ पूजा संपन्न कर सकते हैं। अगर आपके पास स्वीमिंग पूल नहीं है तो आप अपनी छत पर ही मिट्टी से एक गोल आकार बनाएं और उसे अच्छे से ईंटों से कवर कर लें। फिर इसके ऊपर एक प्लास्टिक की शीट लेकर उसे अंदर की तरफ दबा दें। फिर इसमें पानी भर लें। सूर्य को अर्घ्य आप इसमें खड़े होकर भी दे सकती हैं।

छठ पूजा 2024 सूर्य अर्घ्य समय (Chhath Puja Surya Arghya Time 2024)

संध्या अर्घ्य: 7 नवंबर 2024 की शाम 05 बजकर 32 मिनट से

उषा अर्घ्य: 8 नवंबर 2024 की सुबह 06 बजकर 38 मिनट तक।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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