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Chhath Puja Sandhya Arghya Time 2024: छठ पूजा संध्या अर्घ्य समय क्या रहेगा, यहां जानें सटीक जानकारी

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 14, 2024, 05:37 PM IST

Chhath Puja 2024 Surya Arghya Time: 14 अप्रैल को छठ पर्व का तीसरा दिन है। इस दिन व्रती डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे तो वहीं अगले दिन की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। यहां जानिए सूर्य अर्घ्य की सटीक टाइमिंग।

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Chhath Puja Arghya Time 2024

Chhath Puja 2024 Surya Arghya Time 2024 (Today Surya Arghya Time): छठ पर्व में मुख्य रूप से सूर्य देव की पूजा की जाती है। इस पर्व के तीसरे और चौथे दिन सूर्य को अर्घ्य देने की परंरपरा है। इस साल चैती छठ पर्व का पहला अर्घ्य 14 अप्रैल को दिया जाएगा। इस दौरान व्रती डूबते सूर्य की उपासना करेंगे और अर्घ्य चढ़ाएंगे। तो वहीं छठ का दूसरा अर्घ्य 15 अप्रैल को दिया जाएगा। इस दौरान व्रती उगते हुए सूर्य की उपासना करेंगे। यहां जानिए छठ पूर्व के दोनों अर्घ्य का समय।

Chhath Puja 2024 Surya Arghya Time (छठ पूजा सूर्य अर्घ्य समय 2024)

शहर संध्या अर्घ्य समय (14 अप्रैल 2024) उषा अर्घ्य समय (15 अप्रैल 2024)
पटना 6:12 PM 5:27 AM
लखनऊ 6:30 PM 5:42 AM
नोएडा 6:46 PM 5:55 AM
रांची 6:09 PM 5:28 AM
दिल्ली 6:46 PM 5:55 AM
कोलकाता 5:57 PM 5:16 AM
रायपुर, छत्तीसगढ़ 6:22 PM 5:44 AM
देहरादून 6:45 PM 5:51 AM
मुंबई 6:56 PM 6:21 AM
वाराणसी 6:20 PM 5:35 AM
कानपुर 6:32 PM 5:45 AM

Chhath Puja Significance (छठ पर्व का महत्व)

धार्मिक मान्यताओं अनुसार छठ पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। ये व्रत मुख्य रूप से संतान के सुखी जीवन की कामना से रखा जाता है। इसके अलावा ये व्रत संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों के लिए भी फलदायी साबित होता है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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