Chandra Shani Vish Yog : वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं, निर्णय क्षमता और मानसिक संतुलन का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि शनि कर्म, जिम्मेदारी, विलंब, अनुशासन और परीक्षा का ग्रह माना जाता है। जब चंद्रमा और शनि एक ही राशि में आ जाते हैं तो विष योग का निर्माण होता है। यह योग हमेशा बड़े नुकसान का संकेत नहीं देता, लेकिन कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव, कार्यों में रुकावट, संबंधों में दूरी और निर्णय लेने में कठिनाई पैदा कर सकता है।
6 जुलाई 2026 की सुबह 9 बजकर 56 मिनट पर चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जहां शनि पहले से गोचर कर रहे हैं। दोनों ग्रहों की युति से विष योग बना है। चंद्रमा तेज गति से चलने वाला ग्रह है, इसलिए इसका प्रभाव लगभग ढाई दिन तक अधिक सक्रिय रहेगा। इस दौरान कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह योग दशम भाव में बनेगा, जो करियर और कार्यक्षेत्र का भाव है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा। किसी भी नए प्रोजेक्ट या महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है।
उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह योग अष्टम भाव में बनेगा। अचानक खर्च, मानसिक दबाव या स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां सामने आ सकती हैं। जोखिम भरे निवेश और विवादित मामलों से कुछ समय दूरी रखना बेहतर रहेगा। यात्रा करते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें।
उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें और शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए यह योग सप्तम भाव में बनेगा। दांपत्य जीवन और साझेदारी के मामलों में गलतफहमी पैदा हो सकती है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ संवाद में संयम रखना होगा। किसी भी विवाद को अहंकार के कारण बढ़ने न दें।
उपाय: शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें और सफेद चंदन अर्पित करें।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए विष योग चतुर्थ भाव को प्रभावित करेगा। घर-परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और मानसिक शांति में कमी महसूस हो सकती है। संपत्ति, वाहन या घरेलू मामलों में जल्दबाजी से लिया गया निर्णय बाद में परेशानी दे सकता है। माता के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।
उपाय: चंद्रमा को दूध मिले जल का अर्घ्य दें और जरूरतमंद व्यक्ति को चावल का दान करें।
मीन राशि
विष योग आपकी ही राशि में बन रहा है, इसलिए इसका प्रभाव सबसे अधिक महसूस हो सकता है। मन में अनावश्यक चिंता, आत्मविश्वास में कमी और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति बन सकती है। कार्यों का दबाव बढ़ सकता है और छोटी बातों को लेकर भी तनाव महसूस हो सकता है। परिवार और कार्यस्थल पर धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा।
उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें और 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जाप करें।
विष योग के दौरान क्या करें
चंद्रमा और शनि की युति का सबसे बड़ा प्रभाव मन और निर्णय क्षमता पर पड़ता है। इसलिए इस अवधि में क्रोध, निराशा और जल्दबाजी से बचना चाहिए। बड़े आर्थिक निर्णय सोच-समझकर लें, अनावश्यक बहस से दूरी रखें और नियमित रूप से भगवान शिव तथा भगवान शनिदेव की उपासना करें। इससे विष योग के नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कम किए जा सकते हैं और मानसिक संतुलन भी बना रहता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
