Chaitra Navratri 2026 Akhand Jyot: चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की विधिवत पूजा की जाती है। इस दौरान मां के भक्त मां की विशेष रूप से पूजा करते हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 9 अप्रैल से हो रही है। इसी दिन हिंदू नववर्ष भी मनाया जाएगा। चैत्र नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक व्रत रखें जाते हैं और माता रानी की अखंड ज्योत भी जलाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि अखंड ज्योत जलाने से माता रानी प्रसन्न होती हैं और साधक की सारी मनोकामना की पूर्ति करती हैं। अगर आप भी इस चैत्र नवरात्रि माता की अखंड ज्योत जलाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको इसके नियम में बारे में जरूर जान लेना चाहिए। यहां अखंड ज्योत जलाने की विधि और सामग्री लिस्ट के साथ नियम की भी चर्चा है।
अखंड ज्योत के लिए आवश्यक सामग्री-
- पीतल का दीपक
- देसी घी
- लंबी और मोटी बत्ती
- अक्षत या गेहूं
अखंड ज्योत की विधि-
- वास्तु के अनुसार, घर में अखंड ज्योत को जलाने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है।
- सुबह स्नान करने के बाद मंदिर की सफाई करें। चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
- उसपर चावल या गेहूं से स्वास्तिक बनाएं।
- उसके ऊपर दीपक को रखें।
- दीपक में बत्ती को रखें। फिर उसमें घी डालें।
- अब मां दुर्गा का ध्यान कर ज्योत जलाएं।
चैत्र नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाने के नियम-
- ज्योति जलाते समय इस मंत्र को दोहराना चाहिए। शुभम् 'करोति कल्याणम्, आरोग्य धन सम्पदाम्, शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपम् ज्योति नमोस्तुते'
- अखंड ज्योति जलाते समय ध्यान रखें कि दीपक चावल या गेहूं जैसे अनाज के ढेर पर रखा जाना चाहिए।
- घी से जलाई गई अखंड ज्योति को दाहिनी ओर रखना चाहिए।
- तेल से जलती अखंड ज्योति को बाईं ओर रखना शुभ माना जाता है।
- अखंड ज्योत जलाने के दौरान घर को कभी भी अकेला ना छोड़ें
- अखंड ज्योत में समय-समय पर घी या तेल डालते रहें। ये दीपक बुझना नहीं चाहिए।
- नौ दिनों के बाद, लौ स्वाभाविक रूप से बुझ जानी चाहिए।
अखंड ज्योत जलाने के लाभ-
यदि आप नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति जलाते हैं, तो ऐसा माना जाता है कि देवी दुर्गा आपके घर में निवास करेंगी। परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। अखंड ज्योति जलाने से नकारात्मक शक्तियां समाप्त हो जाती हैं और आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। धार्मिक मान्यता यह भी है कि अखंड ज्योति जलाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उनका जीवन खुशहाली आती है।
