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चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा कैसे करें, यहां जानिए पूरी विधि, मंत्र, आरती, कथा सबकुछ

चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व इस साल 30 मार्च से शुरू हो रहा है और इसकी समाप्ति 6 अप्रैल को होगी। नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालु मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं। साथ ही इस दिन घटस्थापना भी की जाती है। चलिए आपको बताते हैं नवरात्रि के पहले दिन की संपूर्ण पूजा विधि विस्तार से यहां।

लवीना शर्माUpdated Mar 30, 2025, 12:53 IST
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चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा कैसे करें, यहां जानिए पूरी विधि, मंत्र, आरती, कथा सबकुछ

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा कैसे करें, यहां जानिए पूरी विधि, मंत्र, आरती, कथा सबकुछ

चैत्र नवरात्रि सनातन धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जो प्रत्येक वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है और इसकी समाप्ति नवमी तिथि पर होती है। चैत्र नवरात्रि का पहला दिन सबसे खास माना जाता है क्योंकि इस दिन श्रद्धालु अपने घर पर कलश स्थापना करते हैं। वहीं कई श्रद्धालु इस दिन अखंड ज्योति भी जलाते हैं जो पूरे नौ दिनों तक जलती रहती है। चलिए आपको बताते हैं इस साल चैत्र नवरात्रि कब से कब तक रहेगी और नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त क्या रहने वाले हैं।

Chaitra Navratri Puja Samagri List

चैत्र नवरात्रि कब से कब तक रहेगी 2025 में (Chaitra Navratri 2025 Start And End Date)
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व इस साल 30 मार्च से लेकर 6 अप्रैल तक मनाया जाएगा। 5 अप्रैल को नवरात्रि की अष्टमी पड़ेगी तो 6 अप्रैल को दुर्गा नवमी यानी राम नवमी मनाई जाएगी।

चैत्र नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट (Chaitra Navratri Puja Samagri List)
चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की श्रंगार सामग्री में लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, बिछिया, पायल, नेल पेंट, लिपस्टिक, सिंदूर, शीशा, इत्र, चोटी, गले के लिए माला या मंगलसूत्र, चोटी के लिए बैंड, नथ, गजरा, बिंदी, काजल, मेहंदी, महावर, मांग टीका, कान की बाली, कंघी, शीशा आदि चीजें जरूर शामिल करें।

चैत्र नवरात्रि 2025 घटस्थापना मुहूर्त (Chaitra Navratri 2025 Ghatasthapana Shubh Muhurat)
चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त 2025- 06:13 AM से 10:22 AM
चैत्र नवरात्रि घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त- 12:01 PM से 12:50 PM
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ- 29 मार्च 2025 को 04:27 PM
प्रतिपदा तिथि समाप्त- 30 मार्च 2025 को 12:49 PM बजे

मां शैलपुत्री की पूजा विधि (Maa Shailputri Puja Vidhi)
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इसके अलावा इस दिन कलश स्थापना भी की जाती है। इस दिन श्रद्धालु नवरात्रि व्रत रखने का संकल्प लेते हैं। इस दिन की पूजा के लिए सबसे पहले सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान कर लें। फिर घर के मंदिर के पास कलश स्थापित करें और पूजा स्थल पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर माता की प्रतिमा स्थापित करें। फिर माता के समक्ष घी का दीपक जलाएं और उन्हें लाल रंग के फूल अर्पित करें। माता को भोग स्वरूप फल और मिठाई अर्पित करें। अंत में माता शैलपुत्री के इस मंत्र “वन्दे वांछित लाभाय चन्द्राद्र्वकृतशेखराम्। वृषारूढ़ा शूलधरां यशस्विनीम्॥” का जाप करें। आरती उतारकर पूजा संपन्न करें।

मां शैलपुत्री मंत्र (Maa Shailputri Mantra)
-ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नमः
-ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः
-या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
-वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्

नवरात्रि पहले दिन का रंग (Navratri First Day Rang)
नवरात्रि‍ के पहले द‍िन मां शैलपुत्री की पूजा के दौरान पीला रंग या सफेद रंग धारण करना शुभ माना जाता है। मान्‍यता है क‍ि इन रंगों के वस्त्र धारण करने व्यक्ति के घर-संसार को मां शैलपुत्री का आशीर्वाद मिलता है।

मां शैलपुत्री भोग (Maa Shailputri Bhog)
माता दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री को सफेद रंग बहुत प्रिय है, इसलिए उन्हें सफेद चीजों का भोग लगाना शुभ माना जाता है। भक्‍त भोग में बर्फी,खीर, रबड़ी अर्पित कर सकते हैं।

मां शैलपुत्री की आरती (Maa Shailputri Ki Aarti)
॥ आरती माता शैलपुत्री जी की ॥
****शैलपुत्री माँ बैल असवार। करें देवता जय जय कार॥****
शिव-शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने न जानी॥
****पार्वती तू उमा कहलावें। जो तुझे सुमिरे सो सुख पावें॥****
रिद्धि सिद्धि परवान करें तू। दया करें धनवान करें तू॥
****सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती जिसने तेरी उतारी॥****
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुःख तकलीफ मिटा दो॥
****घी का सुन्दर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के॥****
श्रद्धा भाव से मन्त्र जपायें। प्रेम सहित फिर शीश झुकायें॥
****जय गिरराज किशोरी अम्बे। शिव मुख चन्द्र चकोरी अम्बे॥****
मनोकामना पूर्ण कर दो। चमन सदा सुख सम्पत्ति भर दो॥********

MAR 30, 2025 12:53 IST

Chaitra Navratri 2025 Day 1 Maa Shailputri Puja Vidhi, Aarti LIVE: मां शैलपुत्री का स्‍वरूप कैसा है

मां शैलपुत्री के दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प शोभायमान है, जो उनके अद्भुत और शक्ति से भरे स्वरूप का प्रतीक है। माता शैलपुत्री की सवारी वृषभ (बैल) है, जो नंदी के समान है।
MAR 30, 2025 12:09 IST

Chaitra Navratri 2025 Day 1 Maa Shailputri Puja Vidhi, Aarti LIVE: मां शैलपुत्री बीज मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:
MAR 30, 2025 11:15 IST

haitra Navratri 2025 Day 1 Maa Shailputri Puja Vidhi, Aarti LIVE: नवरात्रि में कौन सा पाठ करना चाहिए

चैत्र नवरात्रि में, दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बहुत ही शुभ माना जाता है। साथ ही, दुर्गा चालीसा का पाठ भी किया जा सकता है।
MAR 30, 2025 10:35 IST

Chaitra Navratri 2025 Day 1 Maa Shailputri Puja Vidhi, Aarti LIVE: मां शैलपुत्री की स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
MAR 30, 2025 09:06 IST

Chaitra Navratri 2025 Day 1 Maa Shailputri Puja Vidhi, Mantra, Aarti LIVE: कलश स्थापना सामग्री

मिट्टी, मिट्टी का घड़ा, कलावा, जटा वाला नारियल, अशोक के पत्ते, जल, गंगाजल, लाल रंग का कपड़ा, एक मिट्टी का दीपक, मौली, अक्षत, हल्दी, फल, फूल.
MAR 30, 2025 07:49 IST

Maa Shailputri Katha (मां शैलपुत्री की कथा)

पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन काल में प्रजापति दक्ष ने यज्ञ करवाने का फैसला किया था। इसके लिए उन्होंने सभी देवी-देवताओं को निमंत्रण भेज था, लेकिन भगवान शिव को नहीं। देवी सती जानती थी कि उनके प‍िता दक्ष उनके पास निमंत्रण भेजेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वो उस यज्ञ में जाने के लिए बेचैन थीं, लेकिन भगवान शिव ने उन्‍हें मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यज्ञ में जाने के लिए उनके पास कोई भी निमंत्रण नहीं आया है और इस नाते वहां जाना उचित नहीं है। देवी सती नहीं मानीं और बार-बार यज्ञ में जाने का आग्रह करती रहीं। देवी सती के ना मानने की वजह से भगवान शंकर को उनकी बात माननी पड़ी और उन्‍होंने उन्‍हें अनुमति दे दी। देवी सती जब अपने पिता प्रजापत‍ि दक्ष के यहां पहुंची तो देखा कि कोई भी उनसे आदर और प्रेम के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। सारे लोग मुंह फेरे हुए हैं और सिर्फ उनकी माता ने स्नेह से उन्हें गले लगाया। उनकी बाकी बहनें उनका उपहास उड़ा रहीं थीं और देव सती के पति भगवान शिव को भी तिरस्कृत कर रहीं थीं। स्वयं प्रजापत‍ि दक्ष ने भी अपमान करने का मौका नहीं छोड़ा। ऐसा व्यवहार देख देवी सती अत्‍यंत ही दुखी हुईं। अपना और अपने पति का अपमान उनसे सहन न हुआ और फिर उन्होंने यज्ञ की अग्नि में खुद को स्वाहा कर अपने प्राण त्याग दिए। भगवान शिव को जैसे ही इसके बारे ज्ञात हुआ तो उन्‍होंने अपनी पीड़ा और क्रोध की ज्वाला से प्रजापति दक्ष के यज्ञ का विनाश कर दिया। युगों के बाद देवी सती ने फिर पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लिया ज‍िससे इनका नाम शैलपुत्री पड़ गया।
MAR 30, 2025 07:23 IST

चैत्र नवरात्रि 2025 कैलेंडर (Chaitra Navratri 2025 Calendar)

30 मार्च 2025 - नवरात्रि का पहला दिन – प्रतिपदा तिथि – मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना
31 मार्च 2025- नवरात्रि का दूसरा दिन – द्वितीया तिथि – मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
31 मार्च 2025 - नवरात्रि का तीसरा दिन – तृतीया तिथि – मां चंद्रघंटा की पूजा
01 अप्रैल 2025- नवरात्रि का चतुर्थी दिन – चतुर्थी तिथि – मां कूष्मांडा की पूजा
02 अप्रैल 2025 - नवरात्रि का पाचवां दिन – पंचमी तिथि – मां स्कंदमाता की पूजा
03 अप्रैल 2025 - नवरात्रि का छठा दिन – षष्ठी तिथि – मां कात्यायनी की पूजा
04 अप्रैल 2025 - नवरात्रि का सातवां दिन – सप्तमी तिथि – मां कालरात्रि की पूजा
05 अप्रैल 2025 - नवरात्रि का आठवां दिन – अष्टमी तिथि – मां महागौरी की पूजा, महा अष्टमी
06 अप्रैल 2025 - नवरात्रि का नौवां दिन – नवमी तिथि – मां सिद्धिदात्री की पूजा, महानवमी
MAR 30, 2025 07:05 IST

Navratri Shlok: नवरात्रि के श्लोक

Navratri Shlok: नवरात्रि के श्लोक
MAR 30, 2025 06:20 IST

मां शैलपुत्री की आरती (Maa Shailputri Ki Aarti)

॥ आरती माता शैलपुत्री जी की ॥
****शैलपुत्री माँ बैल असवार। करें देवता जय जय कार॥****
शिव-शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने न जानी॥
****पार्वती तू उमा कहलावें। जो तुझे सुमिरे सो सुख पावें॥****
रिद्धि सिद्धि परवान करें तू। दया करें धनवान करें तू॥
****सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती जिसने तेरी उतारी॥****
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुःख तकलीफ मिटा दो॥
****घी का सुन्दर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के॥****
श्रद्धा भाव से मन्त्र जपायें। प्रेम सहित फिर शीश झुकायें॥
****जय गिरराज किशोरी अम्बे। शिव मुख चन्द्र चकोरी अम्बे॥****
मनोकामना पूर्ण कर दो। चमन सदा सुख सम्पत्ति भर दो॥********
MAR 29, 2025 23:52 IST

Chaitra Navratri 2025: मां शैलपुत्री को क्‍या भोग लगाएं

मां शैलपुत्री के लिए जो भोग बनाया जाता है वो गाय के घी और दूध से बना होता है। आप माता को भोग में गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगा सकते है।
MAR 29, 2025 23:28 IST

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि की पूजा कैसे करें

पूजा के पहले अखंड ज्योति प्रज्वलित कर लें और शुभ मुहूर्त में घट स्थापना कर लें. अब पूर्व की ओर मुख कर चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं और माता का चित्र स्थापित करें।
MAR 29, 2025 22:40 IST

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में माता रानी की आरती का समय

नवरात्रि में माता रानी की सुबह की आरती का समय प्रात: काल 6 बजे से लेकर 12 बजे तक रहेगा वहीं शाम की आरती का समय 6 बजे से लेकर 9 बजे तक रहेगा।
MAR 29, 2025 21:54 IST

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि पूजा मुहूर्त 2025

चैत्र नवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजे से लेकर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इनमें से किसी भी मुहूर्त पर आप कलश स्थापना करके माता रानी की पूजा कर सकते हैं।
MAR 29, 2025 20:48 IST

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि चौघड़िया मुहूर्त 2025

दिन का चौघड़िया

लाभ - उन्नति - 09:20 से 10:53

अमृत - सर्वोत्तम - 10:53 से 12:26

शुभ - उत्तम - 13:59 से 15:32

रात्रि का चौघड़िया

शुभ - उत्तम 18:38 से 20:05

अमृत - सर्वोत्तम 20:05 से 21:32
MAR 29, 2025 20:03 IST

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि पूजा मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

-या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

-या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

-या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभि-धीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
MAR 29, 2025 19:27 IST

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट

एक चौकी, लाल कपड़ा, अक्षत, माता जी की प्रतिमा या चित्र, गणेश जी की प्रतिमा या चित्र, पीतल या तांबे का कलश/लोटा, सिक्का, पुष्प, लाल चुनरी, मौली, मिट्टी का बड़ा दीपक, लौंग, इलायची, ऋतु फल, बताशे या मिश्री और कपूर।
MAR 29, 2025 18:47 IST

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि के पहले दिन का रंग

पहला दिन नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है, इस दिन सफेद रंग पहनने का महत्व है।
MAR 29, 2025 18:04 IST

नवरात्रि के लिए स्पेशल भजन: Navratri Special Bhajan Lyrics

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, नीचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे एक अंधा पुकार रहा, मैया अंधे को आंखे दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, नीचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे कोढ़ी पुकार रहा, मैया कोढ़ी को काया दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, नीचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे निर्धन पुकार रहा, मैया निर्धन को माया दो उसे तेरा ही सहरा है

ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे बांझन पुकार रही, मैया बांझन को बेटा दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैयाजी के द्वारे पे एक कन्या पुकारी रही, मैया कन्या को वर घर दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे तेरे भगत पुकार रहे, मैया भगतो को दर्शन दो उन्हें तेरा ही सहारा है

ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है
MAR 29, 2025 17:23 IST

Navratri 2025 Puja: नवरात्रि की पूजा कैसे करें

नवरात्र के 9 दिनों मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपो की आराधना की जाती है। इन दिनों में देवी की उपासना आनंद की प्राप्ति हो जाती है। इन 9 दिनों में क्रमश: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के रूप में मां दुर्गा की पूजा का विधान है।
MAR 29, 2025 16:49 IST

Chaitra Navratri 2025: नवरात्र में मां को क्‍या भोग लगाएं?

नवरात्र के दिन में मां को उनके प्रिय भोग लगाएं। भोग में गुड़ और घी, दूध से बने पदार्थ, साबूदाना खिचड़ी, खीर, सफेद मिठाई और फल हो सकते हैं।