Navratri 2022 1st Day Puja Vidhi, Vrat Katha, Mantra: नवरात्र के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर में की देवी की पूजा
Navratri 2022 1st Day Maa Shailputri Puja Vidhi, Vrat Katha, Aarti, Samagri, Mantra, Procedure: नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। वहीं मां की पूजा के दिन प्रारंभ होने के साथ आज सुबह से ही मंदिरों में भक्त मां के दर्शन को पहुंच रहे हैं।
Navratri 2022 1st Day Maa Shailputri Puja Vidhi, Vrat Katha, Aarti, Samagri, Mantra: आज से चैत्र नवरात्र 2022 आरंभ हो गए हैं। इसी के साथ मां के दर्शन को भक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंच रहे हैं। वैष्णो देवी से भी भक्तों की भारी भीड़ की तस्वीरें आ रही हैं। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरूपों की पूजा करने का विधान है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। वृषभ पर सवार मां के इस रूप के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल-पुष्प सुशोभित है। उनकी पूजा में सफेद फूल और मिष्ठान रखे जाते हैं। वहीं उनकी पूजा में पीले वस्त्र धारण किए जाते हैं।
Navratri 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat
मां शैलपुत्री की पूजा करते समय उनके चरणों में गाय का घी अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। वैवाहिक बाधा हो या पुत्र प्राप्ति की अभिलाषा, मां अपने दर पर आने वाले हर भक्त की आकांक्षा पूरी करती हैं। मां की पूजा में लगने वाली जरूरी सामग्री की लिस्ट भी आप यहां देख सकते हैं।
Happy Navratri 2022 Wishes, Shayari: इन खूबसूरत शायरियों के साथ दें नवरात्रि की मुबारकबाद
उत्तर प्रदेश के मुख्मंत्री ने बलरामपुर के मंदिर में की देवी की पूजा
Chaitra Navratri 2022: अयोध्या के मंदिरों में लगी भक्तों की भीड़
Ghatsthapna Ke Niyam
आज नवरात्र का पहला दिन है। आज घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। अगर आपने सुबह घटस्थापना नहीं किया है तो 12 से 12:50 के बीच घटस्थापना कर सकते हैं। घटस्थापना के बाद लोगों को कई नियमों का पालन करना चाहिए। कलश स्थापना के बाद कभी भी अपने घर को अकेला नहीं छोड़ें।
Chaitra Navratri 2022 Upay
नवरात्र के प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक पान के पत्ते पर गुलाब की 3 से 4 पंखुड़ियां रखकर मां दुर्गा को अर्पित करें। मान्यताओं के अनुसार, यह उपाय करने से धन आगमन के सभी द्वार खुल जाते हैं।
Chaitra Navratri 2022: कब तक चलेंगे नवरात्र 2022
इस बार चैत्र नवरात्र पूरे 9 दिन तक चलने वाली है। यह नवरात्रि आज से प्रारंभ होने के बाद 10 अप्रेल तक चलेगी। 11 अप्रेल को विधि अनुसार, नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा।
Chaitra Navratri 2022 Ghatsthapna Ke Niyam: घटस्थापना के नियम
आज घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। पहले वाला मुहूर्त सुबह 06:03 से 08:31 तक था। अगर आप इस मुहूर्त में घटस्थापना नहीं कर पाएं है तो दोपहर 12 से 12:50 वाले में जरूर करें। वास्तुशास्त्र के अनुसार, घटस्थापना हमेशा उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में करना चाहिए।
Chaitra Navratri 2022: आज बन रहे हैं कई शुभ योग
आज यानी 02 अप्रेल से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गई है। आज नवरात्र के पहले दिन शुरुआत में रेवती नक्षत्र रहने वाला है। इस दिन कई शुभ योग बन रहे है जो इस दिन को बहुत विशेष बना रहे है। आज सर्वार्थसिद्धि, पुष्य नक्षत्र, बुधादित्य, शोभन और रवि योग रहेंगे। इन योग के दौरान नई शुरुआत करना या खरीदारी करना लाभदायक रहेगा।
Chaitra Navratri 2022: मां शैलपुत्री को लगाएं इस चीज का भोग
आज चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व प्रारंभ हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। इस दिन भक्तों को विधि अनुसार, मां शैलपुत्री की पूजा करनी चाहिए। मां शैलपुत्री को सफेद चीजें पसंद हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए इस दिन दूध से बनी मिठाई भोग में लगाएं।
Chaitra Navratri Ghatsthapna Muhurat: घटस्थापना के लिए केवल दो मुहूर्त
आज घटस्थापना के लिए केवल दो शुभ मुहूर्त हैं, अगर आप नवरात्रि का व्रत रख रहें हैं तो इस मुहूर्त में धटस्थापना जरूर करें।
पहला मुहूर्त - सुबह 06:03 से 08:31 तक
दूसरा मुहूर्त- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:48 से 12:37 तक
पहला दिन - 2 अप्रैल 2022: घटस्थापना/प्रतिपदा तिथि
नवरात्रि का पहला दिन घटस्थापना से प्रारंभ होता है, इस दिन धर्म शास्त्रों के अनुसार लाल रंग का महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि लाल रंग जुनून, शुभता और बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। यह रंग मां शैलपुत्री का भी प्रिय माना गया है।
Maa Shailputri Puja Vidhi, मां शैलपुत्री पूजा विधि
मां शैलपुत्री की पूजा में सफेद वस्त्र, सफेद फूल जरूर रखें। उनको सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं। मां शैलपुत्री की पूजा करते समय उनके चरणों में गाय का घी अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मां शैलपुत्री सुख समृद्धि का वरदान देती हैं। पूजा के बाद मंत्र जाप और आरती जरूर करें।
Maa Shailputri Vrat Katha In Hindi: माता शैलपुत्री की पौराणिक कथा
मां शैलपुत्री को माता पार्वती का स्वरूप माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार राजा दक्ष ने एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ में उन्होंने सभी देवी देवताओं व राजा महाराजाओं को आमंत्रित किया, लेकिन भगवान शिव का औघड़ रूप होने के कारण उन्हें आमंत्रित नहीं किया। जब देवी सती को अपने पिता द्वारा आयोजित इस विशाल यज्ञ के बारे में पता चला तो उनका मन यज्ञ में शामिल होने के लिए व्याकुल होने लगा। उन्होंने भोलेनाथ से अपनी इच्छा जताई, भोलेनाथ ने कहा कि किसी कारण रुष्ट होकर राजा दक्ष ने हमें यज्ञ में शामिल होने का न्योता नहीं दिया है। इसलिए बिना आमंत्रण के यज्ञ में शामिल होना कदाचित उचित नहीं है।
लेकिन देवी सती लगातार यज्ञ में शामिल होने के लिए भगवान शिव से कहती रही, माता सती के आग्रह पर भोलेनाथ ने उन्हें यज्ञ में शामिल होने की अनुमति दे दी। जब माता सती यज्ञ में पहुंची तो उन्होंने देखा के राजा दक्ष भगवान शिव के बारे में अपशब्द कह रहे थे। पति के इस अपमान को देख माता सती ने यज्ञ में कूदकर अपने प्रांण त्याग दिए। इसके बाद माता सती ने दूसरा जन्म शैलपुत्री के रूप में पर्वतराज हिमालय के घर लिया।
Maa Shailputri Puja Vidhi: कैसे करें मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि के पहले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कर सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर गंगा जल का छिड़काव करें, केसर से स्वास्तिक बनाएं। अब मां शैलपुत्री या मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें। इस दिन माता को सफेद वस्त्र, सफेद फूल और सफेद रंग की मिठाई चढ़ाएं। माता के चरणों में गाय का घी अर्पित करें। तत्पश्चात मां शैलपुत्री के मंत्रों का 108 बार जाप करें और माता की आरती करें।
Navratri 2022: क्यों करें मां शैलपुत्री की पूजा
मां शैलपुत्री पूरी सृष्टि की रक्षक मानी जाती हैं। मान्यता है कि उनकी पूजा से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है और उनकी पूजा अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
Maa Shailputri Arti Lyrics: मां शैलपुत्री की आरती लिखित में
मां शैलपुत्री की आरती, Maa Shailputri Aarti
शैलपुत्री मां बैल पर सवार, करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि सिद्धि परवान करे तू। दये करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती जिसने तेरी उतारी।
उसकी सगरी आस जगा दो। सगरे दुख तकलीफ मिटा दो।
घी का सुंदर दीप जलाकर। गोला गरी का भोग लगा कर।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी। शिव मुख चंद चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
Navratri 2022: प्रधानमंत्री जी ने दी शुभकामनाएं
Navratri 2022: वैष्णो देवी में भक्तों का तांता
Chaitra Navratri 2022: मां के दर्शन को उमड़े भक्त
Navratri 1st day puja samagri: नवरात्र की पूजा सामग्री
चौकी, लाल कपड़ा, लाल झंडा, कलश, कपूर, जौ, कुमकुम, लौंग, बताशे, आम के पत्ते, कलावा, नारियल, केले, घी, धूप, माचिस, जयफल, मिश्री, ज्योत, मिट्टी, मिट्टी का बर्तन, एक छोटी चुनरी, पान-सुपारी, एक बड़ी चुनरी, दीपक, माता का श्रृंगार का सामान, देवी की प्रतिमा या फोटो, फूलों का हार, उपला, सूखे मेवे, मिठाई, अगरबत्ती, लाल फूल, गंगाजल और दुर्गा सप्तशती या दुर्गा स्तुति आदि।
Maa Shailputri MAntra: मां शैलपुत्री के मंत्र
मां शैलपुत्री की पूजा में इस मंत्र का जाप करें :
या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:
शुभकामनाएं भेजने की परंपरा
घोड़े पर होगी मां की सवारी
चैत्र नवरात्र 2022 शनिवार से प्रारंभ हुए हैं। इसका अर्थ है कि मां घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। माना जाता है कि देवी दुर्गा का घोड़े पर सवार होकर आने का मतलब युद्ध और विभीषिका जैसे हालात का बनना है।
नवरात्र के पहले दिन का रंग कौन सा है
नवरात्रि के पहले दिन लाल रंग का महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि लाल रंग जुनून, शुभता और बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। यह रंग मां शैलपुत्री का भी प्रिय माना गया है।
कब तक चलेंगे चैत्र नवरात्र 2022
इस बार चैत्र नवरात्र पूरे 9 दिन के बन रहे हैं। इस तरह नवमी तिथि 10 अप्रैल को होगी। इस दिन मां की पूजा को समर्पित नवरात्र का समापन होगा।
पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां का ये स्वरूप वृषभ पर सवार है। उनकी पूजा में सफेद फूल और मिष्ठान रखे जाते हैं। वहीं पीले वस्त्र धारण कर मां की पूजा की जाती है।
आज घटस्थापना का मुहूर्त क्या है
नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। आज इसका शुभ मुहूर्त सुबह 6:10 से 8:29 मिनट और 11:48 से 12:18 तक रहेगा।
आज से चैत्र नवरात्र 2022 प्रारंभ
2 अप्रैल 2022 से चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो गए हैं। इन नौ दिनों में भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा होगी। चैत्र नवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि व रवि योग का शुभ योग रवि पुष्य नक्षत्र के साथ बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग का संबंध मां लक्ष्मी से माना गया है।



